अक्सर लोग रिटायरमेंट की योजना बनाना तब शुरू करते हैं जब समय बहुत कम बचा होता है। लेकिन असल में रिटायरमेंट की तैयारी जितनी जल्दी शुरू होगी उतना ही बेहतर होगा। खासकर युवावस्था में निवेश शुरू करना आपके भविष्य के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है। 40 की उम्र ऐसा दौर होता है जब आमदनी अपनी चरम सीमा पर होती है लेकिन जिम्मेदारियां भी तेजी से बढ़ जाती हैं। इस उम्र में बच्चों की पढ़ाई, घर का लोन और माता-पिता की देखभाल जैसे कई खर्च बजट पर दबाव डालते हैं। इसलिए यदि आप इस उम्र में रिटायरमेंट प्लानिंग कर रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक हो जाता है ताकि आप आने वाले समय को आर्थिक रूप से सुरक्षित बना सकें।
रिटायरमेंट के लिए सही निवेश और बचत
रिटायरमेंट की मजबूत तैयारी के लिए EPF, PPF, और NPS जैसी सरकारी योजनाओं में नियमित निवेश करना बहुत जरूरी है। कोशिश करें कि अपनी आय का कम से कम 15 से 25 फीसदी हिस्सा भविष्य के लिए बचत और निवेश में लगाएं। यह राशि आपको रिटायरमेंट के बाद वित्तीय स्वतंत्रता देगी। साथ ही अपने निवेश को लंबी अवधि के हिसाब से योजनाबद्ध करें ताकि समय के साथ आपका पैसा बढ़ता रहे। समय पर अपनी बचत और निवेश की समीक्षा करते रहें और जरूरत के अनुसार बदलाव करें। यह भी ध्यान रखें कि निवेश केवल बचत नहीं बल्कि सही जगह निवेश करना भी महत्वपूर्ण है, ताकि आपको बेहतर रिटर्न मिल सके।
महंगे कर्ज से बचाव और इमरजेंसी फंड का महत्व
रिटायरमेंट की तैयारी करते समय महंगे कर्जों से दूरी बनाना जरूरी है। क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन पर भारी ब्याज दरें लगती हैं जो आपकी बचत को खत्म कर सकती हैं। इसलिए इन कर्जों को जल्दी से जल्दी चुकाने की कोशिश करें। वहीं होम लोन को समय-समय पर प्री-पेमेंट करते रहें ताकि ब्याज का बोझ कम हो। इसके अलावा, इमरजेंसी फंड बनाना भी आवश्यक है। कम से कम 6 से 9 महीने के खर्च के बराबर राशि बचत खाते या लिक्विड फंड में रखें। इससे अचानक किसी आपात स्थिति में आर्थिक दबाव नहीं पड़ेगा और आपकी रिटायरमेंट योजना प्रभावित नहीं होगी।
आर्थिक स्थिति का सही आकलन और इंश्योरेंस का सुरक्षा कवच
रिटायरमेंट की योजना बनाते समय अपनी वर्तमान वित्तीय स्थिति का सही आकलन करें। अपनी आय, खर्च, EMI, निवेश और भविष्य के मेडिकल खर्च तथा महंगाई को ध्यान में रखकर यह सोचें कि रिटायरमेंट के बाद आपको कितनी धनराशि की जरूरत होगी। इसके साथ ही, पर्याप्त टर्म लाइफ इंश्योरेंस लेना भी जरूरी है ताकि अनहोनी की स्थिति में परिवार आर्थिक रूप से सुरक्षित रहे। समय-समय पर अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर कवरेज बढ़ाएं। इस तरह की सावधानी से आप अपने और अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं और तनावमुक्त जीवन का आनंद ले सकते हैं।







