रोजाना एक मुट्ठी सूखे मेवे खाने से शरीर कई रोगों से बच सकता है। सूखे मेवे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं। नट्स को एक स्वस्थ स्नैक विकल्प के रूप में अपनाया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना सूखे मेवे खाने से कोलन कैंसर का खतरा भी कम होता है। अमेरिका के फ्लोरिडा के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. जोसेफ सालहब ने एक वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने कैंसर के खिलाफ प्रभावी सूखे मेवों पर चर्चा की। डॉ. जोसेफ ने बताया कि छोटे लेकिन पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ भी शरीर में बड़ा फर्क डाल सकते हैं।
सूखे मेवों के कोलन कैंसर में लाभ
डॉ. जोसेफ ने 2018 के एक अध्ययन का हवाला दिया जिसमें स्टेज 3 कोलन कैंसर के रोगियों को शामिल किया गया था। इस अध्ययन में छह साल और छह महीने तक 800 से अधिक लोगों की निगरानी की गई। अध्ययन में पाया गया कि सर्जरी और कीमोथेरेपी के बाद जो लोग सप्ताह में दो या उससे अधिक बार मिश्रित नट्स खाते थे, उनमें कैंसर के लौटने का खतरा कम और कुल जीवन प्रत्याशा में 57 प्रतिशत सुधार देखा गया। यह अध्ययन साबित करता है कि छोटे लेकिन शक्तिशाली स्नैक्स कैंसर के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकते हैं।
कौन से सूखे मेवे करें शामिल
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट रोजाना के आहार में बादाम, अखरोट, हेज़लनट, काजू और पेकान शामिल करने की सलाह देते हैं। ये नट्स फाइबर और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। ये सूजन को कम करने में मदद करते हैं और कोलन कैंसर की कोशिकाओं के विकास को रोक सकते हैं। अध्ययन और विशेषज्ञों के अनुसार, इन नट्स को संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर खाने से कोलन कैंसर के इलाज में सहायक भूमिका निभाई जा सकती है और दीर्घकालिक उपचार परिणामों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
रोजाना नट्स का महत्व और सावधानियां
सूखे मेवे रोजाना खाने से न केवल कैंसर के जोखिम में कमी आती है बल्कि स्वास्थ्य में सामान्य सुधार भी होता है। इन्हें भोजन के साथ या स्नैक के रूप में लिया जा सकता है। हालांकि, इनका सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए क्योंकि अधिक सेवन से कैलोरी बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि एक मुट्ठी सूखे मेवे रोजाना पर्याप्त है। इससे शरीर को आवश्यक पोषण मिलते हैं और कैंसर से लड़ने में सहायक एंटीऑक्सीडेंट भी मिलते हैं।







