दिल्ली से मेरठ का सफर अब पहले जैसा नहीं रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराय काले खां से बेगमपुल तक नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखा दी है। इसके साथ ही मेरठ मेट्रो का संचालन भी शुरू हो गया है। 20 फरवरी को सराय काले खां से बेगमपुल तक नॉन-स्टॉप ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया। रैपिड रेल नेटवर्क को तेज, आरामदायक और समय बचाने वाला विकल्प माना जा रहा है।
प्रति किलोमीटर लागत: ट्रेन या कार, कौन सस्ता?
नमो भारत एक्सप्रेस का औसत किराया लगभग 2.50 रुपये प्रति किलोमीटर आता है। वहीं, एक मध्यम श्रेणी की सीएनजी कार से सफर करने पर औसत खर्च करीब 3.50 रुपये प्रति किलोमीटर पड़ता है। यानी प्रति किलोमीटर लगभग 1 रुपये की बचत होती है। रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह बचत महीने भर में काफी बड़ी साबित हो सकती है। छात्र, नौकरीपेशा और रोजमर्रा के यात्रियों को इससे सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा।
पूरे रूट की लागत और सुविधा
रैपिड रेल कॉरिडोर पर किराया 20 रुपये से शुरू होता है। स्टैंडर्ड क्लास में दुहाई से गुलधर या न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक अधिकतम किराया 150 रुपये तक है। मोदीपुरम से सराय काले खां तक लगभग 82 किलोमीटर की दूरी तय करने पर अनुमानित खर्च करीब 210 रुपये बैठता है। वहीं मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक 23 किलोमीटर के सफर का खर्च करीब 60 रुपये है। मेरठ शहर के भीतर यात्रा पर किराया 20 से 30 रुपये के बीच रहेगा, जबकि अधिकतम 60 रुपये तक जा सकता है।
समय और आराम की बचत
नमो भारत की सबसे बड़ी ताकत इसकी रफ्तार है। दिल्ली से मेरठ का सफर अब सड़क मार्ग की तुलना में काफी कम समय में पूरा होगा। जहां सड़क पर डेढ़ से दो घंटे लग सकते हैं, वहीं रैपिड रेल से समय की बड़ी बचत होगी। यह सिर्फ सस्ता विकल्प नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में समय बचाने वाला समाधान भी है। एनसीआर के लिए यह नए अध्याय की शुरुआत है, जो तेज, किफायती और आरामदायक सफर के विकल्प को आम जनता के लिए आसान बनाएगा।







