ईरान और अमेरिका-इजरायल के मिलिट्री ऑपरेशन के बाद खाड़ी इलाके में बढ़ते तनाव के चलते दुनिया के सबसे ऊंचे टावर दुबई का बुर्ज खलीफा खाली कर दिया गया। शहर के कई हिस्सों में धमाकों की आवाज सुनी गई। इस स्थिति में सवाल उठता है कि अगर टावर को नुकसान पहुंचता है तो उसकी भरपाई कौन करेगा। सुरक्षा और इंश्योरेंस को लेकर बुर्ज खलीफा के मामले में बेहद संगठित और व्यापक व्यवस्था है।
बुर्ज खलीफा का इंश्योरेंस कवरेज
बुर्ज खलीफा दुनिया के सबसे बड़े प्रॉपर्टी इंश्योरेंस फ्रेमवर्क में शामिल है। मुख्य स्ट्रक्चर का लगभग 1.5 बिलियन डॉलर का इंश्योरेंस होने का अनुमान है। सुकून इंश्योरेंस मुख्य प्रोवाइडर है और म्यूनिख री जैसी ग्लोबल रीइंश्योरेंस कंपनियां लीड रीइंश्योरर के रूप में फाइनेंशियल बैकअप देती हैं। यह कवरेज आग, स्ट्रक्चरल डैमेज, प्राकृतिक आपदा और पॉलिटिकल हिंसा जैसी स्थितियों को कवर करता है।
स्टैंडर्ड प्रॉपर्टी इंश्योरेंस आमतौर पर युद्ध से जुड़े नुकसान को कवर नहीं करता। लेकिन बुर्ज खलीफा जैसी महंगी इमारत के लिए स्पेशल पॉलिसी बनाई जाती है। इसे पॉलिटिकल वायलेंस इंश्योरेंस या वॉर रिस्क इंश्योरेंस कहा जाता है। यह आतंकवाद, मिसाइल हमला, दंगे और विदेशी हमलों से हुए नुकसान को कवर कर सकती है। अगर नुकसान आतंकवादी या पॉलिटिकल हिंसा के रूप में माना जाता है, तो इंश्योरेंस कंपनियां और रीइंश्योरर मुआवजे के लिए जिम्मेदार होते हैं।
फाइनेंशियल रिस्क और अलग-अलग इंश्योरेंस
बुर्ज खलीफा की वैल्यू बहुत ज्यादा होने के कारण फाइनेंशियल रिस्क को रीइंश्योरर के माध्यम से दुनिया भर में बांटा जाता है। इससे अरबों डॉलर के नुकसान की स्थिति में भी कोई एक कंपनी फाइनेंशियली प्रभावित नहीं होती। टावर में अपार्टमेंट, कॉरपोरेट ऑफिस और अरमानी होटल के अलग-अलग इंश्योरेंस हैं। इससे प्रत्येक मालिक अपने इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत नुकसान का मुआवजा प्राप्त करता है। अगर नुकसान इंश्योरेंस कवरेज से ज्यादा होता है तो यूएई सरकार आपातकालीन राहत फंड और रिकंस्ट्रक्शन प्रोग्राम के जरिए मदद कर सकती है।







