डीप फ्राई करने के बाद बचे हुए तेल को दोबारा इस्तेमाल करना कई लोगों को सस्ता और सुविधाजनक तरीका लगता है। बड़े फास्ट फूड आउटलेट्स में भी तेल का बार-बार इस्तेमाल दिखाई देता है। लेकिन एक्सपर्ट्स बताते हैं कि यह आदत लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है। डॉ. प्रियंका सेहरावत, जो AIIMS नई दिल्ली से प्रशिक्षित हैं और गुरुग्राम में द न्यूरोमेड क्लिनिक से जुड़ी हैं, बताती हैं कि कुकिंग ऑयल को बार-बार गर्म करना शरीर के लिए कई गंभीर रिस्क पैदा कर सकता है।
तेल में बनने वाले खतरनाक रसायन
जब डीप-फ्राइंग के लिए इस्तेमाल किए गए तेल को बार-बार गर्म किया जाता है, तो वह टूटने लगता है और उसमें हानिकारक रसायन बनने लगते हैं। डॉ. सेहरावत का कहना है कि हाल ही में जयपुर के एक फास्ट फूड आउटलेट पर सर्वे में पाया गया कि एक ही बैच का तेल इतना बार गर्म किया गया था कि वह पूरी तरह काला हो गया था, जो खराब होने का साफ संकेत है। बार-बार गर्म किए गए तेल में कार्सिनोजेनिक कंपाउंड, ट्रांस फैट, फ्री रेडिकल्स और पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (PAHs) जैसे खतरनाक तत्व निकलते हैं। ये तत्व शरीर में सूजन, कोशिकाओं को नुकसान और डीएनए डैमेज जैसी समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
दिल और कैंसर पर गंभीर असर
बार-बार गर्म किया गया तेल केवल कैंसर का खतरा नहीं बढ़ाता, बल्कि दिल की सेहत पर भी बुरा असर डालता है। ऐसे तेल में बने भोजन को नियमित रूप से खाने से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) का स्तर बढ़ सकता है और धमनियों में प्लाक जमने का खतरा बढ़ता है। इससे हार्ट अटैक और कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। डीप-फ्राई तेल में बने फ्री रेडिकल्स और टॉक्सिन्स शरीर के लिए गंभीर हानिकारक साबित होते हैं। इसलिए लंबे समय तक बार-बार इस्तेमाल किया गया तेल स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।
सुरक्षित विकल्प और सुझाव
तेल की बचत के लिए इसे बार-बार डीप-फ्राई में इस्तेमाल करना सही नहीं है। यदि आप इसे दोबारा इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो सबसे पहले तेल को अच्छी तरह छानकर साफ कंटेनर में स्टोर करें। इसके बाद इसे केवल 1–2 दिन के भीतर हल्के उपयोग, जैसे तड़का लगाने या हल्की फ्राइंग के लिए इस्तेमाल करें। दोबारा डीप-फ्राई से बचें, क्योंकि ज्यादा तापमान पर तेल की गुणवत्ता तेजी से गिरती है और हानिकारक कंपाउंड्स अधिक बनते हैं। इस तरह से तेल का सुरक्षित इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए कम जोखिम भरा होगा।







