IAS अधिकारी बनने के बाद पहली पोस्टिंग और प्रोमोशन के रास्ते की पूरी जानकारी

By: MPLive Team

On: Saturday, March 7, 2026 5:22 PM

IAS अधिकारी बनने के बाद पहली पोस्टिंग और प्रोमोशन के रास्ते की पूरी जानकारी
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यदि देश में किसी सरकारी नौकरी को सबसे प्रतिष्ठित और जिम्मेदार माना जाए तो वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) है। हर साल लाखों युवा इस सेवा में शामिल होने का सपना देखते हैं और इसके लिए कड़ी मेहनत करते हैं। UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद, नए IAS अधिकारी सबसे पहले उत्तराखंड के मूसोorie में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षण के लिए भेजे जाते हैं। यहां उन्हें प्रशासन, कानून, सरकारी योजनाओं और जन सेवा के बारे में गहन शिक्षा दी जाती है। प्रशिक्षण का यह चरण उनके करियर के लिए आधार तैयार करता है।

पहली पोस्टिंग: अधीनस्थ जिलाधिकारी या सहायक कलेक्टर

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, IAS अधिकारियों को उनकी पहली फील्ड पोस्टिंग दी जाती है। यह आमतौर पर सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM), असिस्टेंट कलेक्टर या ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट के रूप में होती है। इस पद पर अधिकारी जिले के किसी विशेष क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालते हैं। इस दौरान वे प्रशासनिक कार्यों का नजदीकी अनुभव प्राप्त करते हैं, जैसे कानून व्यवस्था बनाए रखना, सरकारी योजनाओं को लागू करना और जनता की समस्याओं का समाधान करना। यह चरण उनके लिए सीखने और अनुभव हासिल करने का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है।

लगभग 3 से 5 वर्षों की सेवा के बाद IAS अधिकारियों को पहली प्रोमोशन मिलती है। इसके बाद उन्हें अतिरिक्त जिलाधिकारी (ADM) या शहर में नगर आयुक्त जैसे पदों पर नियुक्त किया जा सकता है। इस स्तर पर जिम्मेदारियां काफी बढ़ जाती हैं। वे कलेक्टर की प्रशासनिक जिम्मेदारियों में मदद करते हैं और जिले के कई महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल होते हैं। इस पद पर अधिकारी का दृष्टिकोण और नेतृत्व क्षमता और विकसित होती है।

वरिष्ठ अनुभव: जिलाधिकारी या कलेक्टर बनना

रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 9 से 12 वर्षों की सेवा के बाद कई IAS अधिकारियों को जिलाधिकारी (DM) या कलेक्टर के रूप में नियुक्त किया जाता है। यह जिले के प्रशासन का सबसे महत्वपूर्ण पद होता है। जिलाधिकारी पूरे जिले के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी होते हैं। उनके जिम्मेदारियों में कानून व्यवस्था बनाए रखना, विकास कार्यों की निगरानी, चुनाव संचालन, आपदा प्रबंधन और सरकारी योजनाओं का कार्यान्वयन शामिल होता है। अनुभव के साथ, अधिकारी जिले में प्रशासन का केंद्रीय नेतृत्व निभाते हैं।

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