सरकार ने लोकसभा में बताया कि केंद्र सरकार के अंतर्गत सिविल पदों और सेवाओं में OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जाता है। सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने लिखित जवाब में कहा कि यह आरक्षण नीति डिपार्टमेंट ऑफ़ पर्सनेल एंड ट्रेनिंग द्वारा लागू की जा रही है। उन्होंने बताया कि 8 सितंबर 1993 के ऑफिस मेमोरेंडम और समय-समय पर जारी निर्देशों के तहत यह आरक्षण लागू किया गया है।
OBC कल्याण के लिए सरकारी योजनाएँ
बी.एल. वर्मा ने कहा कि OBC के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री युवा उपलब्धि छात्रवृत्ति योजना (PM-YASASVI) के तहत कदम उठाए जा रहे हैं। इस योजना में प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्तियाँ, स्कूल और कॉलेजों में टॉप क्लास शिक्षा, तथा OBC लड़कों और लड़कियों के लिए हॉस्टल निर्माण शामिल हैं। इसके अलावा, ‘SHREYAS-OBC’ योजना भी चल रही है, जिसमें राष्ट्रीय फेलोशिप और विदेश में शिक्षा के लिए ऋण पर ब्याज सब्सिडी जैसी योजनाएँ शामिल हैं।
योजनाओं की समय-समय पर समीक्षा
मंत्री ने बताया कि OBC कल्याण के तहत लागू सभी योजनाओं की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। इसमें सभी हितधारकों और संबंधित मंत्रालयों एवं विभागों की सलाह ली जाती है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे और आरक्षण तथा छात्रवृत्ति से जुड़े लक्ष्य पूरी तरह पूरे हों।
जनसंख्या आंकड़ों में उप-जनजाति विवरण नहीं
लोकसभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार अनुसूचित जनजातियों (STs) की कुल संख्या 10,45,45,716 है। उन्होंने बताया कि जनगणना में प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सूचिबद्ध ST के अनुसार आंकड़े इकट्ठे किए जाते हैं। लेकिन उप-जनजाति स्तर के आंकड़े अलग से प्रकाशित नहीं किए जाते।







