मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका से जुड़े तनाव का असर अब दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई पर पड़ रहा है। शिपिंग रास्तों के आसपास की परिस्थितियों ने ईंधन की सप्लाई में रुकावट डाल दी है। इसी के कारण भारत के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारें देखने को मिली हैं। कुछ परिवार इंडक्शन कुकटॉप का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं कई लोग खाना पकाने वाली गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं। यह स्थिति उपभोक्ताओं और घरेलू बाजार दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा एलपीजी उपयोगकर्ता
उत्तर प्रदेश में एलपीजी इस्तेमाल करने वालों की संख्या देश में सबसे ज्यादा है। अकेले इस राज्य में लगभग 4.87 करोड़ लोग एलपीजी का उपयोग करते हैं। यह कुल घरेलू एलपीजी इस्तेमाल करने वालों का लगभग 15% है। बड़ी आबादी और ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर पहुंच के कारण यह राज्य एलपीजी उपयोग में सबसे आगे है। इसके अलावा राज्य में एलपीजी वितरण नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहा है, जिससे लोगों की जरूरतों को समय पर पूरा किया जा रहा है।
भारत में कुल एलपीजी उपयोग और दूसरे राज्यों की स्थिति
देश में कुल 33.37 करोड़ से 34 करोड़ तक सक्रिय घरेलू एलपीजी उपयोगकर्ता हैं। बीते दस वर्षों में सरकारी पहलों और सप्लाई नेटवर्क के विस्तार ने शहरों और गांवों में एलपीजी की पहुंच बढ़ाई है। इससे पारंपरिक इंधनों जैसे लकड़ी, कोयला और केरोसिन पर निर्भरता कम हुई है। उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र में लगभग 3.02 करोड़ लोग एलपीजी का उपयोग करते हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल में 2.72 करोड़, तमिलनाडु में 2.4 करोड़ और बिहार में लगभग 2.33 करोड़ लोग एलपीजी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और लाभार्थी
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक साफ-सुथरा खाना पकाने वाला ईंधन पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह योजना गरीब परिवारों की महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन प्रदान करती है। देश में अब तक इस योजना के तहत कुल 10.56 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। सबसे ज्यादा लाभार्थी उत्तर प्रदेश में हैं, जहां लगभग 1.88 करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन मिला। इसके बाद पश्चिम बंगाल में 1.24 करोड़ और बिहार में लगभग 1.18 करोड़ परिवारों को इसका लाभ मिला है।







