आज 23 मार्च: जानिए कैसे भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने देश के लिए कुर्बानी दी

By: MPLive Team

On: Monday, March 23, 2026 8:39 AM

आज 23 मार्च: जानिए कैसे भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने देश के लिए कुर्बानी दी
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आज 23 मार्च है और पूरे भारत में शहीद दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन उन महान क्रांतिकारियों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को याद करने के लिए समर्पित है जिन्होंने सिर्फ 23-24 साल की उम्र में देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। साल 1931 में इसी दिन ब्रिटिश हुकूमत ने इन्हें लाहौर जेल में फांसी दी थी। इन युवाओं ने निडरता और साहस के साथ देश की स्वतंत्रता के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। शहीद दिवस केवल एक तारीख नहीं बल्कि देशभक्ति और युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक है।

30 जनवरी: महात्मा गांधी की पुण्यतिथि

भारत में शहीद दिवस केवल 23 मार्च तक ही सीमित नहीं है। साल के पहले महीने 30 जनवरी को भी शहीद दिवस मनाया जाता है। यह दिन महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के रूप में जाना जाता है। 1948 में इसी दिन नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी। गांधी जी ने अहिंसा, सत्य और एकता के बल पर भारत को आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस दिन देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और राष्ट्रपिता के योगदान को याद किया जाता है। उनके बलिदान से भारतीय जनता में आज भी देशभक्ति और नैतिक मूल्यों का संचार होता है।

23 मार्च: भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की वीरगति

साल का दूसरा शहीद दिवस 23 मार्च को आता है। आज ही के दिन 1931 में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी। यह दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में काला दिन माना जाता है। पूरे देश में आज इन तीनों महान क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी जा रही है। उनकी वीरता और साहस युवा पीढ़ी के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत रहेगा। हर साल शहीद दिवस के अवसर पर देशभर में उनके योगदान को याद करते हुए कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

21 अक्टूबर: पुलिस शहीदों को समर्पित दिन

तीसरा शहीद दिवस 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसे पुलिस स्मृति दिवस या पुलिस शहीद दिवस के रूप में भी जाना जाता है। यह दिन उन बहादुर पुलिसकर्मियों को याद करने के लिए समर्पित है जिन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। साल 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सेना द्वारा घातक हमले में 10 पुलिस जवान शहीद हो गए थे। तब से हर साल 21 अक्टूबर को पूरे देश की पुलिस फोर्स शहीदों की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित करती है। यह दिन देश की सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों के लिए सम्मान का प्रतीक है।

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