बातचीत सहयोगी, शिकोहाबाद दादी, मुझे कब्र से बाहर निकालो, मैं जिंदा हूँ। दादी ने सपने में नाती की ये आवाज़ सुनी तो उसे सच मान लिया। फिर क्या हुआ? मंगलवार सुबह, पीड़ित ने स्थानीय लोगों के साथ कब्र खोदकर बालक का कंकाल निकाला।
16 अगस्त को गांव शाहपुर में रहने वाले मदन गोपाल के आठ वर्षीय बेटे अर्पित को सांप ने मार डाला। जिससे उसकी स्थिति खराब हो गई। उसे काफी उपचार और झाड़फूंक करने के बावजूद बचाया नहीं जा सका। चिकित्सक ने उसे मृत घोषित करके गांव के पास एक खेत में दफन कर दिया।
सोमवार रात को, छह महीने बाद, उसकी दादी राज दुलारी और बच्चे की मां को सपना आया। जिसमें बच्चा कहता था कि मैं दादी में जीवित हूँ, मुझे बाहर निकाल दो। बच्चे की मां ने भी इससे पहले सपना देखा था। वह सपने में खुद को गड्ढे से बाहर निकालने को कह रहा था। दफन की गई जगह मंगलवार दोपहर दो बजे खोदाई की गई, लेकिन बच्चे का कंकाल वहाँ से नहीं मिला। इसके बाद गड्ढे को फिर से बंद किया गया।







