भारत ने 2011 ODI विश्व कप जीता तो 15 साल हो गए। 2 अप्रैल 2011 को एमएस धोनी की कप्तानी में भारत ने मुंबई के वानखेड़े मैदान पर विश्व विजेता का खिताब दूसरी बार जीता। इससे सचिन तेंदुलकर का वर्ल्ड कप जीतने का सपना भी पूरा हुआ। पूरी टीम एफर्ट से भारत ने उस विश्व कप जीता था। खिलाड़ियों में से अधिकांश के नाम उपलब्धियों से जुड़े थे। लेकिन युवराज सिंह की सफलता का विश्व रिकॉर्ड आज तक नहीं टूटा है। क्या 2027 में ओडी वर्ल्ड कप में वह रिकॉर्ड टूटेगा?
वनडे वर्ल्ड कप 2011 जीतने के 15 साल पूरे होने पर सचिन तेंदुलकर ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वह टीम इंडिया की नई जर्सी में अपने 15 साल पुराने अंदाज में नजर आ रहे हैं। ODI वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल में पहली गेंद खेलने के बारे में सचिन तेंदुलकर ने एक वीडियो शेयर किया है। उसने वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि पहली गेंद हमेशा दिल की धड़कन बढ़ाती है, और उस रात, ऐसा होना मतलब दिल कभी नहीं रुका। यहां “उस रात से” का अर्थ है फाइनल से पहले वाली रात।
सचिन ने लिखा कि 15 साल बाद भी वह क्षण उनके दिल के निकट है। उनका कहना था कि सभी खिलाड़ियों का एक ही लक्ष्य था: भारत को वर्ल्ड कप जीतना। उन्होंने वनडे वर्ल्ड कप 2011 की जीत में सभी खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और फेंस का तहे दिल से आभार व्यक्त किया है।
अगले साल वनडे वर्ल्ड कप में युवराज सिंह का रिकॉर्ड कौन तोड़ेगा? पहले, युवराज सिंह का रिकॉर्ड क्या है? 2011 में भारत के प्रसिद्ध ऑलराउंडर ने यह रिकॉर्ड बनाया था। यही कारण था कि वे प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुने गए। बतौर ऑलराउंडर, युवराज सिंह ने 300 से अधिक रन बनाए और 15 विकेट चटकाए। युवराज सिंह विश्व कप के इतिहास में एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्होंने ऐसा किया है। 2011 के वनडे विश्व कप में 90.5 की औसत से 362 रन बनाए थे। गेंदबाजी में भी 15 विकेट लिए थे।
2011 में भारत का वर्ल्ड कप जीतने के बाद युवराज सिंह का रिकॉर्ड बरकरार है। अब देखना होगा कि क्या 2027 के वनडे वर्ल्ड कप में 2015 के, 2019 के और 2023 के रिकॉर्ड टूटेंगे?







