भारत में प्रधानमंत्री की छुट्टियों का नियम क्या है और कैसे तय होता है कामकाज

By: MPLive Team

On: Saturday, April 4, 2026 7:16 PM

भारत में प्रधानमंत्री की छुट्टियों का नियम क्या है और कैसे तय होता है कामकाज
Google News
Follow Us
---Advertisement---

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप द्वारा साप्ताहिक अवकाश रद्द करने की खबर ने वैश्विक स्तर पर चर्चाओं को जन्म दिया है. इसी संदर्भ में भारत में प्रधानमंत्री की छुट्टियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. भारत में प्रधानमंत्री के लिए छुट्टियों को लेकर किसी तरह की आधिकारिक नियम पुस्तिका मौजूद नहीं है. प्रधानमंत्री की भूमिका को एक निरंतर जिम्मेदारी माना जाता है जहां उन्हें हर समय ड्यूटी पर ही समझा जाता है. इस कारण पारंपरिक छुट्टियों की अवधारणा यहां लागू नहीं होती है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल और अवकाश को लेकर दावे.

आधिकारिक रिकॉर्ड्स के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में पदभार संभाला था और तब से अब तक उनके बारे में यह दावा किया जाता है कि उन्होंने किसी भी प्रकार की औपचारिक छुट्टी नहीं ली है. एक दशक से अधिक समय तक वे लगातार शासन और प्रशासन के कार्यों में सक्रिय रहे हैं. इस अवधि में उन्होंने हजारों सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है. यह आंकड़ा उनके व्यस्त और निरंतर कार्यशील कार्यक्रम को दर्शाता है जो किसी भी प्रकार के ब्रेक के बिना चलता रहता है.

लंबे कार्य घंटे और जिम्मेदारियों का दायरा.

प्रधानमंत्री के कार्य समय को लेकर जो जानकारी सामने आती है उसके अनुसार वे अक्सर प्रतिदिन लगभग 18 से 19 घंटे काम करते हैं. उनके दैनिक कार्यक्रम में उच्च स्तरीय बैठकें नीतिगत निर्णय अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और सार्वजनिक कार्यक्रम शामिल होते हैं. यहां तक कि निजी समय में भी आधिकारिक जिम्मेदारियां जारी रहती हैं. त्योहार और विशेष अवसर भी उनके लिए छुट्टी का समय नहीं होते बल्कि उन्हें सार्वजनिक और आधिकारिक कर्तव्यों के रूप में निभाया जाता है जैसे सैनिकों के साथ त्योहार मनाना या देशवासियों को संबोधित करना.

अन्य प्रधानमंत्रियों और अंतरराष्ट्रीय तुलना.

यह केवल वर्तमान प्रधानमंत्री तक सीमित नहीं है बल्कि पूर्व प्रधानमंत्रियों जैसे मनमोहन सिंह के बारे में भी यही माना जाता है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में औपचारिक रूप से छुट्टी का उपयोग नहीं किया. भारत में प्रधानमंत्री की भूमिका को लगातार सक्रिय रहने वाली जिम्मेदारी के रूप में देखा जाता है. वहीं दूसरी ओर अमेरिका जैसे देशों में राष्ट्रपति के लिए सप्ताहांत और निर्धारित ब्रेक की व्यवस्था होती है हालांकि संकट के समय यह भी बाधित हो जाती है. इस प्रकार दोनों देशों की कार्य प्रणाली में स्पष्ट अंतर देखा जाता है जहां भारत में प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी को निरंतर और बिना विराम के माना जाता है.

For Feedback - devendra.abpnews@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment