Uttar Pradesh ATS ने एक खतरनाक आतंकी मॉड्यूल का पता लगाया है। मेरठ का आकिब दुबई में बैठकर भारत में आतंकवादी कार्य करता था। सोशल मीडिया ने मेरठ के साकिब, जिसे डेविल भी कहते हैं, को पाकिस्तानी हैंडलर्स से जोड़ा। लखनऊ रेलवे स्टेशन पर विस्फोट करने की साजिश में शामिल साकिब को गुरुवार को एटीएस ने गिरफ्तार किया।
एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि ATS ने मेरठ के साकिब उर्फ डेविल, अरबाब, गौतमबुद्धनगर के विकास उर्फ रौनक और लोकेश उर्फ पपला पंडित को गिरफ्तार किया. चारों आरोपी लखनऊ रेलवे स्टेशन पर ब्लास्ट करने पहुंचे थे. FIR में दुबई में छिपे आकिब का नाम भी शामिल किया गया है.
पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. आरोपीयों ने उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण रक्षा प्रतिष्ठानों और कैंट इलाकों की रेकी की थी. उन्होंने इन स्थानों के वीडियो बनाकर पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजे थे. इसके अलावा प्रदेश के प्रमुख हिंदुत्ववादी नेताओं को भी निशाने पर रखा गया था. उनके आवागमन, गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी जुटाई गई थी. हैंडलर्स साकिब को गूगल लोकेशन भेजते थे. साकिब अपने साथियों के साथ वहां पहुंचकर वीडियो रिकॉर्ड करता और हैंडलर्स को भेजता. बदले में उसे पैसे ट्रांसफर किए जाते थे. आरोपियों के पास से छोटी-छोटी आगजनी की घटनाओं के वीडियो भी बरामद हुए हैं, जो उन्होंने विभिन्न शहरों में अंजाम दिए थे. रेलवे सिग्नल बॉक्स और सिलिंडर भरे वाहनों में आग लगाने की भी साजिश थी
शनिवार को कोर्ट में पेश किए गए चारों आरोपियों को एटीएस ने पांच दिन की पुलिस रिमांड मांगी, जो कोर्ट ने मंजूर कर दी। ATS दल अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर रहा है। पूछताछ में कौन-सा मॉड्यूल में शामिल है, कितनी अतिरिक्त घटनाओं की साजिश थी और आकिब के अलावा पाकिस्तानी हैंडलर्स से कौन-सा संबंध है। AT&T का कहना है कि आकिब पर शिकंजा कसने की पूरी तैयारी है। हमारे पास इसके बारे में पर्याप्त जानकारी है। वह सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे मॉड्यूल को चला रहा था और पाकिस्तान के बड़े हैंडलर्स से संपर्क में है
यूपी एटीएस की इस कार्रवाई ने समय रहते बड़े आतंकी हमले की साजिश को ध्वस्त कर दिया है। अब जांच एजेंसी आकिब तक पहुंचने और पूरे नेटवर्क को नष्ट करने की ओर तेजी से बढ़ रही है। यह पता लगाता है कि दुबई जैसे देशों में ठिकाना बनाकर पाकिस्तानी हैंडलर्स भारत में आतंकी गतिविधियां चला रहे हैं और सोशल मीडिया को हथियार की तरह इस्तेमाल कर युवाओं को भड़का रहे हैं। AT&T की सावधानी ने एक महत्वपूर्ण साजिश को रोक दिया है







