उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक खबर ने हर माता-पिता को चौंका दिया है। रानीगंज थाना क्षेत्र में एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां एक छोटी सी चूक से बिगड़ गईं। दो साल की छोटी बच्ची लुका-छिपी खेलते समय घर के दीवान (बेड) के बॉक्स में छिप गई, जहां वह दम घुटने से मर गई
रविवार दोपहर को रानीगंज के दुर्गागंज जयरामपुर गांव निवासी शाकिर राइन के घर में बच्चे शोर करते हुए खेल रहे थे। शाकिर की दो वर्षीय बेटी भी घर के आंगन और कमरों में लुका-छिपी करती थी। खेल के दौरान छोटी बच्ची अचानक सबकी नजरों से छिप गई। परिजनों को चिंता हुई जब उसकी आहट काफी देर तक नहीं सुनाई दी। उन्हें घर के हर कोने में छान मारा, लेकिन बच्ची नहीं मिली
जैसे-जैसे समय बीतता गया, परिजनों का दिल तेज हो गया। गांव के लोग भी अनहोनी की आशंका में जमा हो गए। पड़ोसी घरों, आसपास के बाग-बगीचों और घर के बाहर की गलियों में भी बच्ची की तलाश की गई। पास में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी गई ताकि पता चल सके कि उसे कोई नहीं ले गया। घंटों की कोशिश के बाद भी, परिजन रोते-बिलखते घर लौटे
तलाश में किसी व्यक्ति का ध्यान कमरे में रखे भारी-भरकम दीवान (बेड) पर गया। सबकी चीखें निकल गईं जब बेड का बॉक्स खोला गया। बच्ची बेड पर अचेत पड़ी थी। दरअसल, बेड बॉक्स पूरी तरह से एयर-टाइट था क्योंकि इसके ऊपर भारी गद्दे और कई रजाई-बिस्तर रखे हुए थे
माना जाता है कि बच्ची खुद ही बॉक्स के अंदर घुस गई होगी, लेकिन भारी सामान के दबाव से वह बाहर नहीं निकल सकी होगी। वह पहले बेहोश हो गई और फिर दम घुटने (asphyxiation) के कारण मर गई। तुरंत उसे रानीगंज ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत बताया। जयरामपुर गांव में हर आंख नम है और इस समय सन्नाटा पसरा है।







