बुधवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। सुबह 7:30 बजे के करीब GIFT NIFTY में मजबूती देखी गई और यह 18 अंकों की बढ़त यानी 0.07% की तेजी के साथ 25,185.50 पर कारोबार करता दिखा। गौरतलब है कि GIFT NIFTY भारतीय शेयर बाजार के खुलने से पहले उसके मूड का संकेत देता है और निवेशकों को शुरुआती दिशा दिखाने में मदद करता है। हालांकि, बाजार में सकारात्मक संकेतों के बावजूद कुछ ऐसे कारक भी बने हुए हैं, जो बाजार पर दबाव बना सकते हैं। इनमें एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट और अमेरिकी शेयर बाजार में कमजोरी शामिल है, जिसके कारण निवेशकों की रणनीति पर असर पड़ सकता है।
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। डाउ जोन्स 436 अंक गिर गया, जबकि एसएंडपी 500 में 0.40% की कमजोरी दर्ज की गई। गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका में महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताएं और कुछ बड़े बैंकों के तिमाही नतीजों में मिश्रित संकेत रहे। हालांकि, इस गिरावट के बीच नैस्डैक ने हल्की तेजी दिखाई और यह 20,677.80 पर 0.18% की बढ़त के साथ बंद हुआ। अमेरिकी बाजार में आई इस गिरावट का असर भारतीय बाजार की शुरुआती गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है। लेकिन नैस्डैक में आई मजबूती टेक शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी को बनाए रख सकती है, जिससे कुछ सेक्टर्स में खरीदारी देखने को मिल सकती है।

एशियाई बाजारों में कमजोरी, केवल हांगकांग में तेजी
एशियाई बाजारों की बात करें तो बुधवार को मिश्रित संकेत देखने को मिले। दक्षिण कोरिया का KOSPI इंडेक्स 15.88 अंकों की गिरावट के साथ लाल निशान में रहा, जबकि चीन का SSE कंपोजिट इंडेक्स 2.48 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। जापान का निक्केई 225 भी 35 अंकों की गिरावट के साथ कमजोर स्थिति में नजर आया। हालांकि, इस गिरावट के बीच हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स हरे निशान में नजर आया, जिससे निवेशकों को कुछ राहत मिली। एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर भी भारतीय शेयर बाजार की शुरुआती चाल पर पड़ सकता है, लेकिन घरेलू संकेत अगर मजबूत रहते हैं, तो बाजार गिरावट से उबर सकता है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर टिकी निवेशकों की नजर
इस समय निवेशकों की नजर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि अगर यह समझौता होता है तो भारतीय शेयर बाजार में नई तेजी आ सकती है और निवेशकों की भावनाओं में सकारात्मकता देखी जा सकती है। इस मामले में नवीनतम अपडेट यह है कि भारत के वाणिज्य मंत्रालय की एक टीम वॉशिंगटन में बातचीत के लिए पहुंच चुकी है, ताकि समझौते को लेकर बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके। हालांकि, जब तक इस मामले में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। अगर यह समझौता होता है, तो यह भारतीय बाजार में विदेशी निवेश को आकर्षित करने और व्यापार गतिविधियों में तेजी लाने में मदद कर सकता है, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूती देखी जा सकती है। फिलहाल निवेशकों को बाजार में सतर्कता बरतते हुए ट्रेंड के आधार पर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।







