बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। इसके पीछे मुख्य वजह अमेरिका और जापान के बीच ट्रेड डील का फाइनलाइज होना है, जिससे वॉल स्ट्रीट पर यह उम्मीद बनी है कि अमेरिका जल्द ही अन्य देशों के साथ भी ट्रेड डील्स कर लेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जापान के साथ ट्रेड डील की घोषणा करते हुए यह संकेत दिया कि अन्य देशों के साथ भी अमेरिका ट्रेड डील्स की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके चलते निवेशकों में सकारात्मकता आई और बाजार में भारी खरीदारी देखने को मिली।
डॉव जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक में बड़ी तेजी
बुधवार को डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 507.85 अंक (1.14%) बढ़कर 45,010.29 पर बंद हुआ, जो रिकॉर्ड क्लोजिंग से मात्र चार अंकों से पीछे रह गया। इसी तरह, एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.78% बढ़कर 6,358.91 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ, जो इस साल का 12वां रिकॉर्ड क्लोजिंग रहा। टेक्नोलॉजी आधारित नैस्डैक कंपोजिट भी पीछे नहीं रहा और यह 0.61% की तेजी के साथ 21,020.02 पर बंद हुआ, जो पहली बार 21,000 अंक के पार बंद हुआ। यह तेजी बताती है कि अमेरिकी निवेशक ट्रेड डील्स को लेकर सकारात्मकता से भरे हुए हैं और बाजार में स्थिरता आ रही है।

एशियाई बाजारों में भी दिखी तेजी की लहर
अमेरिकी शेयर बाजार में आई तेजी का असर गुरुवार को एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिला। गुरुवार सुबह 7:15 बजे साउथ कोरिया का KOSPI इंडेक्स 23.31 अंक (0.73%) बढ़कर 3,207.08 पर कारोबार कर रहा था। चीन का SSE कंपोजिट इंडेक्स 2.58 अंक (0.07%) बढ़कर 3,584.88 पर पहुंच गया। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 4.55 अंक की बढ़त के साथ 25,542.62 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 774.46 अंक (1.88%) की तेजी के साथ 41,945.78 पर पहुंच गया। इस तेजी का मुख्य कारण अमेरिकी बाजारों में आई तेजी और जापान-अमेरिका ट्रेड डील से एशियाई निवेशकों में बनी सकारात्मकता रही।
निवेशकों में बढ़ा आत्मविश्वास, बाजार में लौटी रौनक
जापान और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के बाद निवेशकों में आत्मविश्वास बढ़ा है, जिससे बाजार में रौनक लौट आई है। अमेरिका द्वारा अन्य देशों के साथ भी संभावित ट्रेड डील्स की उम्मीद ने बाजार में मजबूती पैदा की है। इसके अलावा, तकनीकी, ऑटोमोबाइल और बैंकिंग सेक्टर में निवेशकों की बढ़ी हुई खरीदारी ने भी बाजार को सपोर्ट किया। विश्लेषकों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में अमेरिका अन्य देशों के साथ भी ट्रेड डील्स को अंतिम रूप देता है, तो वैश्विक बाजारों में और मजबूती देखने को मिल सकती है। साथ ही, इससे भारतीय शेयर बाजार में भी सकारात्मक रुझान आने की संभावना है।







