सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया। सेंसेक्स 746.29 अंक यानी 0.93% की बढ़त के साथ 80,604.08 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 221.75 अंक यानी 0.91% की तेजी के साथ 24,585.05 पर बंद हुआ। आज बाजार खुलने से पहले गिफ्ट निफ्टी में भी तेजी देखी जा रही है, जिससे संकेत मिल रहा है कि शेयर बाजार आज भी ऊंचाई पर खुल सकता है। निवेशकों की नजर आज कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों पर रहेगी, क्योंकि इनमें से कई अपने पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी करने वाली हैं।
आज के महत्वपूर्ण तिमाही नतीजे
आज जिन कंपनियों के तिमाही नतीजे आने हैं, उनमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, ओएनजीसी, कोचीन शिपयार्ड, जिंदल स्टील एंड पावर और भारत डायनेमिक्स शामिल हैं। इसके अलावा, हिंदाल्को इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी नोवेलिस ने Q1 FY26 में सालाना आधार पर शुद्ध आय में 36% की गिरावट दर्ज की है, जो घटकर 96 मिलियन डॉलर रह गई। इंडियन होटल्स (IHCL) ने घोषणा की है कि उसके बोर्ड और एक समिति ने दो हॉस्पिटैलिटी कंपनियों – ANK Hotels Private Limited और Pride Hospitality Private Limited – में नियंत्रण हिस्सेदारी हासिल करने के लिए 204 करोड़ रुपये निवेश करने को मंजूरी दी है।

कंपनियों के तिमाही नतीजों में उतार-चढ़ाव
बाटा इंडिया का Q1 FY26 में मुनाफा घटकर ₹52 करोड़ रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹174 करोड़ था, यानी 70.1% की गिरावट। वहीं, अशोका बिल्डकॉन ने ₹217.3 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 44.6% ज्यादा है। अदाणी एंटरप्राइजेज ने अपनी सहायक कंपनी Horizon Aero Solutions के जरिए Indamer Technics में 100% हिस्सेदारी हासिल कर ली है। सरकारी कंपनी एसजेवीएन का मुनाफा 36.2% गिरकर ₹227.8 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹357 करोड़ था। एस्ट्रल लिमिटेड ने भी मुनाफे में 32.7% की गिरावट दर्ज की, जो घटकर ₹81 करोड़ रह गया।
छोटे और मध्यम स्तर की कंपनियों का प्रदर्शन
तिलकनगर इंडस्ट्रीज का Q1 FY26 में मुनाफा 121.25% बढ़कर ₹88.5 करोड़ हो गया, जो कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। हालांकि, श्री विजय इंडस्ट्रीज के नतीजे बेहद कमजोर रहे, जहां मुनाफा 93.7% गिरकर केवल ₹5.3 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹84.1 करोड़ था। आज बाजार में निवेशकों का ध्यान इन नतीजों पर रहेगा, क्योंकि इससे सेक्टर-विशेष के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सकारात्मक ग्लोबल संकेत और चुनिंदा कंपनियों के अच्छे नतीजे मिलकर बाजार को ऊंचाई पर बनाए रख सकते हैं, लेकिन कमजोर नतीजों वाली कंपनियों के शेयरों में दबाव आ सकता है।







