इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की चाल कई घरेलू और वैश्विक कारणों पर निर्भर रहेगी। सबसे अहम मुद्दा है अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना। अगर यह फैसला आता है तो घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मकता बढ़ सकती है। इसके साथ ही अमेरिकी सरकार द्वारा भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की तय समयसीमा भी निवेशकों की नजर में है। विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, वैश्विक रुझान और देश-विदेश से आने वाले मैक्रोइकोनॉमिक आंकड़े इस हफ्ते बाजार की दिशा तय करेंगे।
बाजार पर असर डालने वाले कारक
बुधवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहेंगे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस हफ्ते वैश्विक संकेत कुछ हद तक सहारा दे सकते हैं। दरअसल, जैक्सन हॉल संगोष्ठी में फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने संकेत दिया कि सितंबर में ब्याज दरों में कटौती हो सकती है। इसके बाद अमेरिकी शेयर बाजारों में जोरदार तेजी दर्ज की गई और डॉलर इंडेक्स भी कमजोर हुआ। वहीं, 27 अगस्त की डेडलाइन भी अहम है, जब अमेरिका भारत के निर्यात पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की योजना पर आगे बढ़ सकता है। इस अनिश्चितता के चलते एफआईआई की भागीदारी कुछ धीमी रह सकती है।

ब्रोकरेज हाउस की राय
पिछले हफ्ते अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी देखने को मिली। डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में 1.89 प्रतिशत, नैस्डैक कंपोजिट में 1.88 प्रतिशत और एसएंडपी 500 में 1.52 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार का कहना है कि जेरोम पॉवेल का भाषण साफ इशारा करता है कि सितंबर में ब्याज दरों में कटौती हो सकती है। वहीं, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार को जीएसटी 2.0 सुधारों और घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती से समर्थन मिलता रहेगा।
पिछले हफ्ते की रौनक और आगे की उम्मीद
सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि निवेशक अब अमेरिकी टैरिफ नीति की स्थिति और भारत-अमेरिका दोनों देशों के आने वाले जीडीपी आंकड़ों पर ध्यान देंगे। इससे निवेशकों की भावनाओं को दिशा मिलेगी। पिछले हफ्ते बीएसई सेंसेक्स में 709.19 अंक (0.87%) की तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 238.8 अंक (0.96%) चढ़ा। ऐसे में इस हफ्ते बाजार की दिशा अमेरिकी फैसलों, वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से तय होगी। निवेशकों के लिए यह सप्ताह अवसर और सतर्कता दोनों के साथ आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है।







