म्यूचुअल फंड एनएफओ शुरुआती निवेशकों को आकर्षक रिटर्न पाने का बेहतरीन विकल्प बनता है

By: MPLive Team

On: Sunday, August 31, 2025 1:04 PM

म्यूचुअल फंड एनएफओ शुरुआती निवेशकों को आकर्षक रिटर्न पाने का बेहतरीन विकल्प बनता है
Google News
Follow Us
---Advertisement---

म्यूचुअल फंड कंपनियां समय-समय पर नए निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नई स्कीमें लॉन्च करती हैं जिन्हें एनएफओ (New Fund Offer) कहा जाता है। आसान भाषा में समझें तो यह म्यूचुअल फंड का एक नया प्लान होता है जिसमें निवेशक शुरुआती दौर में पैसा लगा सकते हैं। एनएफओ के दौरान फंड हाउस निवेशकों से धन इकट्ठा करता है और फिर उस राशि को शेयर बाजार, बॉन्ड्स या अन्य परिसंपत्तियों में निवेश किया जाता है।

आमतौर पर एनएफओ एक निश्चित समयावधि के लिए खुलता है, जैसे 10 से 15 दिन। इस दौरान निवेशक इसमें यूनिट खरीद सकते हैं। इसकी एक यूनिट की कीमत ज़्यादातर 10 रुपये रखी जाती है ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें निवेश कर सकें। शुरुआती चरण में कम कीमत पर निवेश करने का अवसर ही एनएफओ की सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है।

एनएफओ और आईपीओ में समानताएं

एनएफओ की तुलना अक्सर आईपीओ (Initial Public Offering) से की जाती है। दोनों में कुछ समानताएं हैं। जैसे आईपीओ में कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर आम जनता को बेचती है, उसी तरह एनएफओ में म्यूचुअल फंड कंपनी अपनी नई स्कीम निवेशकों के लिए पहली बार उपलब्ध कराती है।

दोनों में शुरुआती कीमत अपेक्षाकृत कम रखी जाती है। आईपीओ में इसे फेस वैल्यू कहा जाता है और एनएफओ में प्रति यूनिट कीमत 10 रुपये रहती है। इसके अलावा, दोनों निवेशकों को शुरुआती चरण में भाग लेने का अवसर देते हैं जिसे कई लोग आकर्षक मानते हैं। निवेशक सोचते हैं कि शुरुआत से शामिल होने पर भविष्य में बेहतर रिटर्न मिल सकता है।

म्यूचुअल फंड एनएफओ शुरुआती निवेशकों को आकर्षक रिटर्न पाने का बेहतरीन विकल्प बनता है

एनएफओ और आईपीओ का अंतर

हालांकि एनएफओ और आईपीओ में कुछ समानताएं हैं, लेकिन दोनों के बीच बड़ा फर्क भी है। आईपीओ में आप किसी एक कंपनी के शेयर खरीदते हैं। वहीं एनएफओ में आपका पैसा एक फंड में लगाया जाता है और वह फंड अलग-अलग जगहों पर निवेश करता है। यानी आपका निवेश विविधीकरण (Diversification) पाता है।

एनएफओ का एक फायदा यह है कि यह आपको नई निवेश रणनीति या थीम का हिस्सा बनने का मौका देता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई फंड हाउस तकनीक, ग्रीन एनर्जी या किसी नए सेक्टर पर केंद्रित स्कीम लाता है, तो निवेशक शुरुआत से ही उस थीम में हिस्सा ले सकते हैं। यह उन लोगों के लिए अवसर है जो नई निवेश धाराओं में जल्दी शामिल होना चाहते हैं।

जोखिम और पुराने फंड का विकल्प

हालांकि, एनएफओ में निवेश जोखिम से खाली नहीं है। क्योंकि यह एक नया फंड होता है, इसका कोई पुराना प्रदर्शन रिकॉर्ड नहीं होता। ऐसे में यह अनुमान लगाना कठिन हो जाता है कि भविष्य में फंड कैसा प्रदर्शन करेगा। अक्सर एनएफओ को आकर्षक दिखाने के लिए फंड हाउस बड़ी मार्केटिंग करता है, जिससे निवेशक प्रभावित हो जाते हैं।

विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेश करने से पहले फंड की रणनीति, फंड मैनेजर की क्षमता और मौजूदा बाजार परिस्थितियों को समझना जरूरी है। कभी-कभी पुराने फंड, जिनका प्रदर्शन रिकॉर्ड मजबूत होता है, एनएफओ से बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। कुल मिलाकर एनएफओ और आईपीओ दोनों ही नए अवसर देते हैं, लेकिन इनके साथ जोखिम भी जुड़ा होता है। इसलिए निवेश से पहले अपनी जरूरत, जोखिम उठाने की क्षमता और फंड की रणनीति पर जरूर विचार करना चाहिए।

For Feedback - devendra.abpnews@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment