आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया जारी है। इसकी अंतिम तिथि 15 सितंबर है और अब इसमें 10 दिन से भी कम समय बचा है। आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक 4.66 करोड़ से अधिक ITR दाखिल किए जा चुके हैं, जिनमें से 3.23 करोड़ रिटर्न की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। टैक्स विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अंतिम समय तक इंतजार न करें, क्योंकि पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं।
ITR दाखिल हुआ या नहीं, ऐसे करें जांच
रिटर्न दाखिल करने के बाद आयकर विभाग ITR-V नाम का एक एक्नॉलेजमेंट फॉर्म जारी करता है, जो इस बात का प्रमाण होता है कि रिटर्न सफलतापूर्वक दाखिल हो गया है। इसे चेक करने के लिए आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें और ‘e-file’ → ‘Income Tax Returns’ → ‘View Filed Returns’ पर जाएं। यहां आप अपना ITR-V डाउनलोड कर सकते हैं और उसमें PAN, आकलन वर्ष, फाइलिंग की तारीख और स्टेटस की जांच कर सकते हैं।

ई-वेरिफिकेशन करना अनिवार्य
ITR दाखिल करने के बाद उसका स्टेटस ‘Successfully e-verified’ या ‘ITR filed and pending verification’ होना चाहिए। यदि वेरिफिकेशन पेंडिंग है, तो आपको इसे Aadhaar OTP, नेट बैंकिंग, डिमैट अकाउंट या हस्ताक्षरित ITR-V को सीपीसी बेंगलुरु भेजकर पूरा करना होगा। यह प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर करनी जरूरी है। यदि ई-वेरिफिकेशन नहीं किया गया तो आपका ITR अमान्य माना जाएगा और टैक्स रिफंड भी अटक सकता है।
रिफंड और बैंक विवरण पर ध्यान दें
आयकर रिफंड सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर होता है, इसलिए खाते की जानकारी सही होना बेहद जरूरी है। सुनिश्चित करें कि आपने सही अकाउंट नंबर और IFSC कोड डाला है और खाता पोर्टल पर प्री-वैलिडेट तथा ई-वेरिफाइड है। यदि आपने रिफंड क्लेम किया है, तो उसका स्टेटस आयकर विभाग की वेबसाइट या NSDL रिफंड पोर्टल से ट्रैक करें। देरी होने पर यह संकेत हो सकता है कि आपके रिटर्न में बैंक विवरण गलत हैं या टीडीएस में गड़बड़ी है। समय रहते इन बातों की जांच करने से परेशानी से बचा जा सकता है।







