GST Rate Cut on Petrol-Diesel : आजकल लगभग हर घर में बाइक या कार होती है। किसी के पास बाइक है, तो किसी के पास चार पहिया वाहन। कार होने का मतलब है कि उसे डेली या कभी-कभी तो जरूर चलाते होंगे, क्योंकि लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करने पर उसके इंजन ने खराबी हो सकती है। कारों को ईंधन के रूप में पेट्रोल या डीज़ल की ज़रूरत होती है। पिछले कुछ सालों में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लोगों का कहना है कि कार खरीदना तो आसान है, लेकिन उसे चलाना महंगा हो गया है।
GST बैठक के बाद पेट्रोल और डीज़ल पर असर
हाल ही में सरकार ने GST से जुड़ी एक बैठक की और लोगों को राहत देने वाले फ़ैसले लिए। इस बैठक का उद्देश्य आम आदमी को बढ़ती महंगाई के बोझ से राहत दिलाना था। यह फ़ैसला लिया गया है कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए ज़रूरी माने जाने वाले उत्पादों पर जीएसटी का बोझ कम या खत्म किया जाएगा।
इस फ़ैसले से पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। हालाँकि सरकार ने साफ़ कर दिया है कि पेट्रोल और डीज़ल पर जीएसटी पूरी तरह से हटाने का फ़ैसला नहीं लिया गया है, बल्कि इसे कम ज़रूर किया गया है।
GST बैठक में जरूरी वस्तुओं से GST हटा
GST बैठक में फैसला लिया गया है कि खाने-पीने की चीजों, रोजमर्रा की जरूरतों और अन्य जरूरी वस्तुओं से GST हटा दिया जाएगा। इसका मकसद आम आदमी की मांग पर महंगाई का बोझ कम करना है।
पेट्रोल और डीजल के मामले में सरकार ने कहा है कि इन उत्पादों पर GST लागू रहेगा, लेकिन यह पहले के मुकाबले काफी कम होगा। इन ईंधनों पर अब लगभग 4% GST लगेगा, जो पहले 18 से 20% था।
पेट्रोल और डीजल की नई दरें
GST हटने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में काफी कमी आएगी। पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतें 110 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा थीं, वहीं अब नई दरें 80 से 90 रुपये प्रति लीटर के बीच होंगी। यह बदलाव 22 सितंबर, 2025 से प्रभावी होगा।
सरकार ने घोषणा की है कि पेट्रोल और डीजल की नई दरों सहित नई GST दरें 22 सितंबर से लागू होंगी। इस दिन से जनता को अपने वाहन चलाने में सीधी राहत मिलने की उम्मीद है।







