RBI MPC आज तय करेगा क्या फिर से कटेगा रेपो रेट! जानिए इस बैठक में देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा

By: MPLive Team

On: Wednesday, October 1, 2025 9:16 AM

RBI MPC आज तय करेगा क्या फिर से कटेगा रेपो रेट! जानिए इस बैठक में देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) बैठक आज, 1 अक्टूबर 2025 को सुबह 10 बजे आयोजित की जाएगी। इस बैठक में RBI रेपो रेट में संभावित बदलाव और अन्य वित्तीय निर्णयों पर चर्चा करेगा। देश में बढ़ते टैरिफ और आर्थिक माहौल को देखते हुए इस बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इस साल अब तक हुई सभी बैठकों में RBI ने लगातार रेपो रेट में कटौती की है। इसलिए बाजार, निवेशक और आम लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि क्या आज फिर से रेपो रेट में कमी की जाएगी।

RBI MPC बैठक: लाइव कहां देखें?

RBI की इस बैठक को आज सुबह 10 बजे RBI के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट, X (पूर्व ट्विटर) पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा। इस लाइव स्ट्रीम के माध्यम से सभी लोग बैठक में लिए गए निर्णय सीधे सुन सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक में रिजर्व बैंक केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों के संभावित बदलाव को लेकर अहम निर्णय ले सकता है। वित्तीय विशेषज्ञ निवेशकों और गृहिणियों को सुझाव दे रहे हैं कि वे बैठक के परिणामों के अनुसार अपनी योजनाओं और कर्ज़ की रणनीतियों को अपडेट रखें।

RBI MPC आज तय करेगा क्या फिर से कटेगा रेपो रेट! जानिए इस बैठक में देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा

रेपो रेट में कटौती की संभावना

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, RBI इस बार भी आम आदमी को राहत देने के लिए रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर सकता है। वर्तमान में रेपो रेट 5.5 प्रतिशत दर्ज है, और कटौती के बाद यह 5.25 प्रतिशत तक गिर सकता है। रेपो रेट में कमी का सबसे बड़ा फायदा फ्लोटिंग रेट लोन लेने वाले गृहिणियों और व्यवसायियों को होगा। यह कटौती बैंकों द्वारा होम लोन, कार लोन और व्यक्तिगत लोन की ब्याज दरों में भी परिलक्षित होगी, जिससे मासिक EMI कम हो सकती है।

रेपो रेट कटौती का प्रभाव और EMI में बदलाव

यदि रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती होती है, तो वर्तमान सबसे कम होम लोन ब्याज दर 7.35 प्रतिशत घटकर 7.10 प्रतिशत हो सकती है। इसका सीधा असर आपके लोन की EMI पर होगा। उदाहरण के लिए, 30 लाख रुपये के होम लोन की EMI में लगभग 500–700 रुपये की कमी आ सकती है, जबकि 50 लाख रुपये के लोन पर यह बचत 800–1,200 रुपये तक हो सकती है। हालांकि, यह कटौती बैंक की नीतियों पर भी निर्भर करेगी कि वह अपने ग्राहकों के लिए ब्याज दर कितनी जल्दी कम करता है। वित्तीय विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि लोग बैठक के परिणाम सुनने के बाद ही अपनी कर्ज़ योजनाओं में बदलाव करें।

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