देश की प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने वित्त वर्ष 2025-26 की सितंबर तिमाही के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा 1.4 प्रतिशत बढ़कर ₹12,075 करोड़ हो गया है। वहीं कंपनी की कुल आय (Revenue) भी 2.39 प्रतिशत बढ़कर ₹65,799 करोड़ पर पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹64,259 करोड़ थी। डिजिटल सर्विसेज, क्लाउड कंप्यूटिंग और ऑटोमेशन सॉल्यूशंस की बढ़ती मांग ने TCS को यह मजबूत प्रदर्शन करने में मदद की। कंपनी ने कहा कि वह अपने क्लाइंट्स के लिए नवीनतम तकनीकी समाधान और डिजिटल रूपांतरण सेवाओं पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है।
शानदार नतीजों के बाद TCS ने शेयरधारकों को दिया डिविडेंड का तोहफा
सितंबर तिमाही के प्रभावशाली परिणामों के बाद TCS ने अपने निवेशकों के लिए खुशखबरी दी है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह प्रति शेयर ₹11 का डिविडेंड (लाभांश) देगी। यह डिविडेंड वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दूसरा अंतरिम लाभांश होगा। TCS ने हमेशा अपने निवेशकों को आकर्षक रिटर्न देकर संतुष्ट किया है, और इसी वजह से यह BSE और NSE पर सबसे अधिक डिविडेंड देने वाली कंपनियों में से एक मानी जाती है। कंपनी ने यह भी बताया कि लाभांश केवल उन्हीं शेयरधारकों को मिलेगा, जिनके पास रिकॉर्ड डेट तक कंपनी के शेयर होंगे। इस घोषणा के बाद बाजार में निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल देखा गया है, और TCS के शेयरों में हल्की तेजी भी दर्ज की गई है।

रिकॉर्ड डेट और पेमेंट डेट की घोषणा
TCS ने अपने बयान में कहा, “हम सूचित करना चाहते हैं कि आज हुई बोर्ड मीटिंग में निदेशकों ने कंपनी के ₹1 अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹11 प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम लाभांश घोषित किया है।” कंपनी ने आगे बताया कि यह डिविडेंड उन इक्विटी शेयरधारकों को दिया जाएगा जिनके नाम 15 अक्टूबर 2025 (बुधवार) तक कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज होंगे। वहीं, कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि लाभांश का भुगतान 4 नवंबर 2025 को किया जाएगा। यह डिविडेंड सीधे निवेशकों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा, बशर्ते कि उन्होंने अपने डीमैट अकाउंट और बैंक डिटेल्स को कंपनी या डिपॉजिटरी के साथ अपडेट किया हो।
डिजिटल मांग और तकनीकी नवाचार से बढ़ा TCS का मुनाफा
TCS का प्रदर्शन लगातार मजबूत हो रहा है। कंपनी का कहना है कि डिजिटल सर्विसेज, क्लाउड कंप्यूटिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधानों की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। भारतीय आईटी सेक्टर में TCS की पहचान एक भरोसेमंद और नवाचार-प्रधान कंपनी के रूप में बनी हुई है। कंपनी ने अपने स्टाफ और तकनीकी बुनियादी ढांचे को और सशक्त बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले तिमाहियों में भी TCS अपनी स्थिर आय और मजबूत डिविडेंड नीति के दम पर निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बनी रहेगी।







