छंटनी की विश्वव्यापी लहर के बीच अब अमेरिकी टेलीकॉम कंपनी वेरिज़न (Verizon) का नाम भी जुड़ गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी अपने हजारों कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी में है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अंदरूनी सूत्रों के हवाले से बताया कि वेरिज़न लगभग 15,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की योजना बना रही है, जो इसके कुल वर्कफोर्स का लगभग 15% हिस्सा है। हालांकि, कंपनी की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन अंदरूनी चर्चाओं से यह बात साफ हो गई है कि वेरिज़न बड़े स्तर पर लागत कम करने और बिज़नेस मॉडल में बदलाव लाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
लाखों ग्राहकों के बीच मंदी, क्यों करनी पड़ रही है छंटनी?
सूत्रों के अनुसार, इस छंटनी का सबसे बड़ा असर नॉन-यूनियन मैनेजमेंट कर्मचारियों पर पड़ेगा। अनुमान है कि वेरिज़न के इस कदम से ऐसे कर्मचारियों की संख्या का 20% से अधिक हिस्सा प्रभावित हो सकता है। कंपनी इस समय अपने लगभग 180 कॉरपोरेट रिटेल स्टोर्स को फ्रेंचाइज़ मॉडल में बदलने की तैयारी कर रही है। इतना ही नहीं, वेरिज़न को बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी के सब्सक्राइबर बेस में तेजी दिखाई नहीं दे रही है और ग्राहक प्रीमियम वायरलेस प्लान खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। इस वजह से वेरिज़न पर AT&T और T-Mobile जैसी कंपनियों का दबाव बढ़ता जा रहा है। बदलते बाजार और घटते मुनाफे के बीच वेरिज़न के पास लागत कम करना ही एक बड़ा विकल्प बन गया है।

AI युग में बड़ी टेक कंपनियों पर बढ़ा दबाव
वेरिज़न अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जो इस दौर में बड़े पैमाने पर छंटनी कर रही है। दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियाँ इस समय AI (Artificial Intelligence) आधारित कामकाज के नए दौर के अनुसार खुद को ढालने की कोशिश कर रही हैं। इस बदलाव में कई कंपनियाँ अपने पुराने पद खत्म कर रही हैं, प्रक्रियाओं को ऑटोमेट कर रही हैं और मानव संसाधन पर निर्भरता कम कर रही हैं। इस लिस्ट में Amazon, TCS, Microsoft, IBM जैसी कंपनियाँ शामिल हैं। ये सभी कंपनियाँ AI को अपनाने के साथ-साथ अपने कर्मचारियों की संख्या को भी कम कर रही हैं, क्योंकि तकनीक के बढ़ते उपयोग ने कई पारंपरिक भूमिकाओं की जरूरत कम कर दी है।
IBM भी करेगा हजारों कर्मचारियों की छंटनी
हाल ही में दिग्गज IT कंपनी IBM ने भी यह घोषणा कर दी कि वह जल्द ही हजारों कर्मचारियों की छंटनी करेगा। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, IBM अपने सॉफ्टवेयर बिज़नेस को और मजबूत करने के लिए यह कदम उठा रहा है। कंपनी चौथी तिमाही में ऐसे कदम उठाने की योजना में है, जो इसकी वैश्विक वर्कफोर्स के एक सिंगल-डिजिट प्रतिशत को प्रभावित करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कई अन्य कंपनियाँ भी AI और ऑटोमेशन के चलते अपने कर्मचारियों की संख्या कम कर सकती हैं। यह छंटनी की वैश्विक लहर आने वाले महीनों में और तेज होने की आशंका को भी बढ़ा रही है।







