UPI क्रेडिट लाइन: बिना बैलेंस UPI भुगतान की नई सुविधा, बड़े बैंक जल्द करेंगे लॉन्च

By: देवेन्द्र पाण्डेय "संपादक"

On: Saturday, November 22, 2025 11:48 AM

त्योहारों ने बढ़ाई डिजिटल लेन-देन की रफ्तार, अक्टूबर में UPI ने बनाया नया रिकॉर्ड
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UPI Credit Line: डिजिटल लेन-देन ने लोगों के रोजमर्रा के खर्चों को पहले से कहीं अधिक आसान बना दिया है। मोबाइल स्कैन करके त्वरित भुगतान अब आम बात हो गई है। इसी कड़ी में UPI क्रेडिट लाइन तेजी से चर्चा में आ रही है, जिसके माध्यम से ग्राहक बिना अकाउंट बैलेंस के भी UPI पेमेंट कर सकेंगे। उद्योग सूत्रों के अनुसार, एक्सिस बैंक, HDFC बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे प्रमुख निजी बैंक इस सर्विस को जल्द बड़े पैमाने पर शुरू करने की तैयारी में हैं।

क्या है UPI क्रेडिट लाइन?

UPI क्रेडिट लाइन एक छोटी लोन सुविधा है, जिसके तहत बैंक ग्राहकों को एक तय लिमिट तक क्रेडिट उपलब्ध कराते हैं। इसकी सबसे खास बात यह है कि खाते का बैलेंस शून्य होने पर भी ग्राहक UPI ऐप का उपयोग करके भुगतान कर सकते हैं। बाद में यह राशि ब्याज सहित चुकानी होगी। यह क्रेडिट कार्ड जैसा ही है, लेकिन इसे इस्तेमाल करने के लिए किसी फिजिकल कार्ड की आवश्यकता नहीं होती। NPCI ने इसे सितंबर 2023 में लॉन्च किया था, और अब पहली बार बड़े बैंक इसे व्यापक रूप में लागू करने की तैयारी कर रहे हैं।

ग्राहकों को क्या मिलेगा फायदा?

UPI क्रेडिट लाइन अचानक आने वाले खर्चों के लिए खास तौर पर उपयोगी साबित हो सकती है। मेडिकल जरूरतें, यात्रा टिकट, बिल भुगतान या अन्य तात्कालिक खर्चों के लिए ₹1,000 से ₹20,000 तक की लिमिट त्वरित मदद दे सकती है।

  • कार्ड साथ रखने की जरूरत खत्म
  • क्रेडिट लिमिट सीधे UPI ऐप में उपलब्ध
  • समय पर री-पेमेंट करने पर क्रेडिट स्कोर बेहतर
  • भविष्य में कम ब्याज पर लोन और बेहतर कार्ड ऑफर मिलने की संभावना

इस सुविधा का फायदा उन लोगों को भी मिलेगा जिनके पास क्रेडिट कार्ड नहीं है या जिनकी क्रेडिट हिस्ट्री कमजोर है।

बैंकों के लिए नए अवसर

बैंकों के लिए यह सुविधा नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने का बेहतरीन माध्यम बन सकती है। छोटे लोन समय पर चुकाने वाले ग्राहक आगे चलकर बड़े वित्तीय उत्पादों के लिए योग्य बन सकते हैं। इससे बैंक उन उपभोक्ताओं तक भी पहुंच बना सकेंगे जो अभी तक क्रेडिट कार्ड इकोसिस्टम से दूर हैं।

बैंक अब क्यों तैयार हैं?

कई महीनों तक निजी बैंक इस सुविधा के विभिन्न पहलुओं—जैसे ब्याज दर, रिकवरी प्रक्रिया, और इंटरेस्ट-फ्री अवधि—को लेकर संशय में थे। लेकिन अब RBI और NPCI द्वारा आवश्यक नियम और दिशानिर्देश स्पष्ट कर दिए गए हैं। इसी कारण HDFC बैंक, एक्सिस बैंक और अन्य प्रमुख निजी बैंक फिनटेक कंपनियों के साथ साझेदारी में इसे शुरू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में यह सुविधा एक बड़ा बदलाव ला सकती है, जिससे करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए लेन-देन और आसान होगा, जबकि बैंकों को नई ग्रोथ संभावनाएँ मिलेंगी।

देवेन्द्र पाण्डेय "संपादक"

ऋषि श्रृंगी मुनि की तपोभूमि सिंगरौली की पावन धरा से निकला. पठन-पाठन से प्यार था लिहाजा पत्रकारिता से बेहतर पेशा कोई और लगा नहीं. अखबार से शुरु हुआ सफर टीवी और डिजिटल मीडिया के माध्यम में जारी है. इस दौरान करीब 14 साल गुजर गए पता ही नहीं चला. Read More
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