5 सितंबर को रिलीज़ हुई टाइगर श्रॉफ की फिल्म बागी 4 इस समय सिनेमाघरों में चल रही है। हालांकि, फिल्म को रिलीज़ के बाद से ही दर्शकों और समीक्षकों से मिश्रित प्रतिक्रिया मिली है। फिल्म के एक्शन सीक्वेंस और टाइगर श्रॉफ की एनर्जी की तारीफ की जा रही है, लेकिन कमज़ोर कहानी और स्क्रीनप्ले की वजह से यह दर्शकों को ज़्यादा खींचने में सफल नहीं हो पा रही। पहले दिन जहां फिल्म ने 12 करोड़ रुपये की कमाई की, वहीं दूसरे दिन इसकी कमाई में गिरावट दर्ज की गई।
दूसरे दिन की कमाई में गिरावट
सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म ने रिलीज़ के दूसरे दिन केवल 9 करोड़ रुपये का बिज़नेस किया। यानी पहले दिन की तुलना में कमाई में काफ़ी गिरावट आई। हालांकि आधिकारिक आंकड़े अभी सामने नहीं आए हैं, लेकिन अगर दूसरे दिन का कलेक्शन 9 करोड़ मान लिया जाए तो फिल्म का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अब तक लगभग 21 करोड़ रुपये हो चुका है। यह आंकड़ा बड़े बजट और बड़ी उम्मीदों के हिसाब से बहुत उत्साहजनक नहीं है।
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रिकॉर्ड तोड़े लेकिन उम्मीदों से कम
कमज़ोर बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन के बावजूद बागी 4 ने कुछ रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। इसने हाल ही में रिलीज़ हुई दो एक्शन फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। किल ने पहले दिन केवल 1.25 करोड़ और दूसरे दिन 2.15 करोड़ रुपये की कमाई की थी। वहीं, मार्को ने पहले दिन 4.95 करोड़ और दूसरे दिन 5.4 करोड़ रुपये की कमाई की थी। इस लिहाज से देखा जाए तो बागी 4 का शुरुआती प्रदर्शन बेहतर है, लेकिन बड़ी स्टारकास्ट और फ्रेंचाइज़ी की लोकप्रियता को देखते हुए आंकड़े अभी भी निराशाजनक कहे जा सकते हैं।
बागी फ्रेंचाइज़ी का सफर और बागी 4 की चुनौतियाँ
बागी 4 इस फ्रेंचाइज़ी की चौथी किस्त है। साल 2016 में आई बागी में टाइगर श्रॉफ और श्रद्धा कपूर की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। इसके बाद 2018 में बागी 2 में दिशा पाटनी नज़र आईं और फिल्म सुपरहिट साबित हुई। 2020 में आई बागी 3 में रितेश देशमुख, श्रद्धा कपूर और अंकिता लोखंडे जैसे सितारे थे, लेकिन कोविड-19 महामारी की वजह से फिल्म को उम्मीद के मुताबिक रिस्पॉन्स नहीं मिल पाया। अब बागी 4 में स्क्रीनप्ले और कहानी का दारोमदार साजिद नाडियाडवाला पर था, जबकि निर्देशन ए. हर्षा ने किया है। फिल्म का निर्माण भी साजिद नाडियाडवाला ने ही किया है। दर्शकों को उम्मीद थी कि यह किस्त फ्रेंचाइज़ी की चमक लौटाएगी, लेकिन शुरुआती आंकड़े यही संकेत दे रहे हैं कि फिल्म को लंबे समय तक टिकने के लिए मज़बूत वर्ड ऑफ माउथ और प्रमोशन की ज़रूरत होगी।







