रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के इतिहास में पहली बार किसी महिला अधिकारी को सर्वोच्च पद की कमान सौंपी गई है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सोनाली मिश्रा को रेलवे सुरक्षा बल की पहली महिला महानिदेशक (DG) नियुक्त किया गया है। यह जानकारी अधिकारियों ने शनिवार को दी। सोनाली मिश्रा 1993 बैच की मध्य प्रदेश कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं। वे इस पद पर 31 अक्टूबर 2026 को अपनी सेवानिवृत्ति तक कार्यरत रहेंगी। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने उनके नाम पर मुहर लगा दी है।
मनोज यादव की जगह लेंगी सोनाली
सोनाली मिश्रा वर्तमान डीजी मनोज यादव की जगह लेंगी जो 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि सोनाली मिश्रा इस महत्वपूर्ण पद को संभालने वाली पहली महिला अधिकारी बनेंगी। रेलवे सुरक्षा बल की जिम्मेदारी यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति की रक्षा करना है। वर्तमान में सोनाली मिश्रा मध्य प्रदेश पुलिस में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (चयन) के पद पर कार्यरत हैं। उनके इस ऐतिहासिक पद पर आने से न केवल महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा, बल्कि यह भी साबित होता है कि प्रशासन में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।

रेलवे सुरक्षा बल की जिम्मेदारियां और इतिहास
रेलवे सुरक्षा बल की स्थापना संसद के एक अधिनियम द्वारा वर्ष 1957 में की गई थी। इसका उद्देश्य रेलवे संपत्ति की रक्षा करना था। वर्ष 1966 में इस बल को अपराधियों की जांच करने, उन्हें गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की कानूनी शक्ति भी दी गई। बाद में 20 सितंबर 1985 को इस बल को “संघ की सशस्त्र सेना” का दर्जा भी मिला। आज RPF न केवल रेलवे की संपत्ति की रक्षा करता है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा, स्टेशन की निगरानी और ट्रेनों में हो रहे अपराधों पर नियंत्रण में भी अहम भूमिका निभाता है।
सोनाली मिश्रा का प्रेरणादायक करियर सफर
सोनाली मिश्रा का करियर प्रेरणादायक और शानदार रहा है। जुलाई 2021 में वे भारत-पाकिस्तान सीमा पर पंजाब में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) की पहली महिला कमांडर बनीं। इसके बाद उन्होंने कश्मीर घाटी में बीएसएफ के गठन की कमान बतौर इंस्पेक्टर जनरल (IG) संभाली। उन्होंने बीएसएफ की खुफिया इकाई का नेतृत्व भी किया और बाद में बीएसएफ में एडीजी के रूप में भी सेवाएं दीं। उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक (PPMDS) और पुलिस सेवा पदक (PMMS) जैसे विशिष्ट सम्मान भी प्राप्त हैं। उनकी यह नई नियुक्ति ना केवल उनके लिए बल्कि देश की लाखों महिलाओं के लिए गर्व का क्षण है।







