जर्मनी के मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर Younes Zarou ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डाली जिसमें उन्होंने लिखा “Church Street, we are coming”। इस पोस्ट को देखकर अचानक चर्च स्ट्रीट पर हजारों की संख्या में लोग जुट गए। ज़ारू के 21 मिलियन से भी ज्यादा फॉलोअर्स हैं और उनका भारत दौरा पहले से चर्चा में था। लेकिन बिना किसी अनुमति के भीड़ को इकट्ठा करना बेंगलुरु पुलिस को नागवार गुजरा।
पुलिस की तत्परता ने रोकी अनहोनी
जैसे ही पुलिस को सूचना मिली कि चर्च स्ट्रीट पर अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, तुरंत क्यूबन पार्क थाने की टीम वहां पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने ज़ारू और उनकी टीम को सुरक्षित दूरी पर ले जाकर समझाया कि ऐसे किसी आयोजन के लिए पूर्व अनुमति जरूरी होती है। हाल ही में आरसीबी की जीत के बाद हुई भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई थी। पुलिस ने इसी घटना का हवाला देते हुए ज़ारू को हिदायत दी।
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स्थानीय कानून की दी जानकारी
बेंगलुरु सेंट्रल ज़ोन के डीसीपी ने बताया कि यूनस ज़ारू को स्थानीय कानूनों की जानकारी नहीं थी। उन्हें बताया गया कि इस तरह की गतिविधियों के लिए पहले से अनुमति लेना अनिवार्य है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। इसके बाद पुलिस ने उन्हें चर्च स्ट्रीट से हटाकर वापस जाने को कहा। यह कदम पूरी तरह जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया।
पहले भी हुआ था ऐसा मामला
चर्च स्ट्रीट कोई आम जगह नहीं है। यह बेंगलुरु की सबसे व्यस्त और लोकप्रिय सड़कों में से एक है। फरवरी में भी इसी जगह पर मशहूर ब्रिटिश सिंगर एड शीरन को रोका गया था। वे बिना अनुमति गाना गा रहे थे और “Shape of You” की परफॉर्मेंस के चलते वहां भी भारी भीड़ इकट्ठा हो गई थी। पुलिस को तब भी दखल देना पड़ा था।
सोशल मीडिया सेलिब्रिटीज को चेतावनी
पुलिस ने इस घटना के बाद सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से आग्रह किया है कि वे इस तरह की पब्लिक घोषणाएं करने से पहले प्रशासन से अनुमति जरूर लें। बगैर जानकारी के की गई ऐसी गतिविधियां न सिर्फ कानून का उल्लंघन हैं बल्कि जन सुरक्षा के लिए खतरा भी बन सकती हैं। सोशल मीडिया की ताकत का प्रयोग समझदारी से करना अब समय की मांग बन गई है।







