कुल्लू की पहाड़ियों पर आफत! आधी रात को गूंजा बादल फटने का कहर, 1993 की त्रासदी का फिर मंडराया साया

By: MPLive Team

On: Tuesday, August 19, 2025 11:48 AM

कुल्लू की पहाड़ियों पर आफत! आधी रात को गूंजा बादल फटने का कहर, 1993 की त्रासदी का फिर मंडराया साया
Google News
Follow Us
---Advertisement---

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में देर रात बादल फटने की घटना से लोगों में भारी दहशत फैल गई। यह हादसा लगहटी क्षेत्र के भूभू गांव के आसपास हुआ। रात करीब डेढ़ बजे अचानक भारी बारिश ने तबाही मचा दी। कई घर और गाड़ियां बह गईं। राहत की बात यह है कि अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।

दुर्गम इलाकों में राहत कार्य मुश्किल

यह इलाका बेहद दुर्गम है जिस कारण राहत और बचाव कार्य में देरी हो रही है। कुल्लू के लगहटी में तीन मकान और कई वाहन मलबे में समा गए। दूसरी ओर मंडी जिले की चौहार घाटी में भी तबाही का आलम है। स्थानीय प्रशासन लगातार हालात का जायजा ले रहा है और अधिक जानकारी जुटाई जा रही है।

कुल्लू की पहाड़ियों पर आफत! आधी रात को गूंजा बादल फटने का कहर, 1993 की त्रासदी का फिर मंडराया साया

चौहार घाटी में भारी नुकसान

चौहार घाटी के सिल्हबुधानी, कुंगड और स्वर गांवों में रातभर जोरदार बारिश हुई। यहां एक दुकान, दो मछली फार्म, तीन पैदल पुल और सैकड़ों बीघा जमीन बह गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह दृश्य 1993 की तबाही की याद दिलाता है जब इसी इलाके में बादल फटने से भारी तबाही हुई थी।

पहाड़ों पर बारिश का कहर

सोमवार को हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। इसके चलते जगह-जगह भूस्खलन हुआ और करीब 400 सड़कें बंद करनी पड़ीं। इनमें तीन राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। हालात बिगड़ने पर प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। हालांकि फिलहाल किसी जनहानि की खबर सामने नहीं आई है।

शिमला-मंडी मार्ग ठप

भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से शिमला-मंडी मार्ग को भी बंद कर दिया गया है। तत्ती-पानी क्षेत्र में सतलुज नदी का कटाव और मलबा गिरने से सड़क की चौड़ाई घटकर डेढ़ मीटर रह गई है। यह सड़क अब वाहनों की आवाजाही के लिए बेहद खतरनाक हो चुकी है। थली पुल से जाने वाला वैकल्पिक मार्ग भी बंद हो गया है जिससे करसोग का शिमला से संपर्क टूट गया है।

For Feedback - devendra.abpnews@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment