हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में सोमवार रात 9 बजकर 28 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.9 मापी गई। इसका केंद्र धर्मशाला से 23 किलोमीटर दूर और 10 किलोमीटर की गहराई में था।
भूकंप के झटके महसूस किए गए कई क्षेत्रों में
भूकंप के झटके बैजनाथ, पालमपुर, कांगड़ा, नगरोटा बगवां और धर्मशाला सहित कई इलाकों में महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने पर लोग घरों से बाहर निकल आए और दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि इस भूकंप से किसी की जान या संपत्ति को नुकसान नहीं हुआ है।
1905 का कांगड़ा भूकंप याद आया
कांगड़ा में भूकंप आते ही 1905 का भयानक भूकंप लोगों के जहन में ताजा हो गया। उस समय रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.8 थी। इस तबाही में लगभग 20 हजार लोगों की जान चली गई थी और हजारों लोग घायल हुए थे। यह भूकंप क्षेत्र की संवेदनशीलता को उजागर करता है।
कांगड़ा का भूकंप संवेदनशील क्षेत्र
विशेषज्ञ बताते हैं कि कांगड़ा जिला भूकंप संवेदनशील क्षेत्र में आता है। यह जिला सीस्मिक जोन-5 में स्थित है जो उच्च जोखिम वाला क्षेत्र माना जाता है। विशेषज्ञों ने बार-बार लोगों को सजग रहने और आपात स्थिति की तैयारी करने की सलाह दी है।
प्रशासन की तैयारियां और चेतावनी
स्थानीय प्रशासन ने भूकंप के झटकों के बाद राहत और बचाव दल को सतर्क कर दिया है। गांव-गांव में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन यह झटके लोगों के लिए चेतावनी हैं कि उन्हें सतर्क रहना चाहिए।







