40 मंजिला इमारत जितना ऊंचा रॉकेट बनाएगा भारत, जो एक साथ 75 टन भार ले जाएगा, अंतरिक्ष की दुनिया में नई क्रांति

By: MPLive Team

On: Wednesday, August 20, 2025 10:56 AM

40 मंजिला इमारत जितना ऊंचा रॉकेट बनाएगा भारत, जो एक साथ 75 टन भार ले जाएगा, अंतरिक्ष की दुनिया में नई क्रांति
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ISRO चेयरमैन वी. नारायणन ने मंगलवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इसरो एक ऐसे रॉकेट पर काम कर रहा है जिसकी ऊंचाई 40 मंज़िला इमारत जितनी होगी और यह 75,000 किलो यानी 75 टन पेलोड को लो अर्थ ऑर्बिट में पहुंचा सकेगा। लो अर्थ ऑर्बिट धरती से 600-900 किलोमीटर की ऊंचाई पर होता है जहां संचार और निगरानी उपग्रह तैनात किए जाते हैं।

 डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के पहले रॉकेट से तुलना

नारायणन ने इस रॉकेट की तुलना भारत के पहले रॉकेट से की जिसे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने बनाया था। उन्होंने बताया कि उस समय बने रॉकेट का वजन 17 टन था और वह केवल 35 किलो पेलोड को लो अर्थ ऑर्बिट में ले जा सकता था। आज इसरो 75,000 किलो पेलोड ले जाने की क्षमता वाले रॉकेट की कल्पना कर रहा है।

40 मंजिला इमारत जितना ऊंचा रॉकेट बनाएगा भारत, जो एक साथ 75 टन भार ले जाएगा, अंतरिक्ष की दुनिया में नई क्रांति

 क्या होगी इस रॉकेट की खासियत

75 टन का पेलोड ले जाना किसी भी देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसरो का यह रॉकेट पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित होगा। यह भारत की आत्मनिर्भरता और क्षमता को साबित करेगा। इस रॉकेट के ज़रिए भारत सैन्य संचार, धरती की निगरानी और नेविगेशन जैसे क्षेत्रों में ताकतवर बनेगा। यह रॉकेट संभव है कि इसरो के अगले जनरेशन लॉन्च व्हीकल यानी NGLV की दिशा में भी एक बड़ा कदम हो।

 इसरो के इस साल के बड़े मिशन

इसरो के पास इस साल कई बड़े मिशन हैं। इनमें ‘नेविगेशन विद इंडिया कंस्टीलेशन सिस्टम’ (NAVIC) उपग्रह, एन1 रॉकेट और अमेरिकी 6,500 किलो के कम्युनिकेशन सैटेलाइट का प्रक्षेपण शामिल है। इसके अलावा 2035 तक भारत का अपना 52 टन का स्पेस स्टेशन बनाने की योजना है और शुक्र ग्रह पर ऑर्बिटर मिशन भी तैयार हो रहा है।

 जीसैट-7आर और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

इसरो इस साल जीसैट-7आर भी लॉन्च करेगा जो भारतीय नौसेना के लिए बेहद अहम संचार उपग्रह होगा और मौजूदा जीसैट-7 (रुक्मिणी) की जगह लेगा। इसके अलावा अमेरिका का ब्लॉक-2 ब्लूबर्ड सैटेलाइट भी भारतीय रॉकेट LVM3 के ज़रिए अंतरिक्ष में जाएगा। यह सैटेलाइट सीधे स्मार्टफोन पर इंटरनेट पहुंचाएगा और भारत की अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को और मज़बूत करेगा।

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