Income Tax Act 2025: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आयकर अधिनियम, 2025 को मंज़ूरी दे दी है, जो 1961 के पुराने आयकर अधिनियम का स्थान लेगा। आयकर अधिनियम, 2025 अगले वित्तीय वर्ष, 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा। नया अधिनियम कर कानून को सरल बनाएगा और इसके शब्दों को कम करेगा, जिससे इसे समझना आसान हो जाएगा।
आयकर विभाग X की एक पोस्ट में कहा गया है, “आयकर अधिनियम, 2025 को 21 अगस्त, 2025 को माननीय राष्ट्रपति की मंज़ूरी मिल गई। यह 1961 के अधिनियम का स्थान लेने वाला एक ऐतिहासिक सुधार है, जो एक सरल, पारदर्शी और अनुपालन-अनुकूल प्रत्यक्ष कर प्रणाली की शुरुआत करता है।”
नए अधिनियम में कोई नई कर दरें नहीं
आयकर विधेयक, 2025 संसद द्वारा 12 अगस्त को पारित किया गया था। नए अधिनियम में कोई नई कर दरें नहीं जोड़ी गई हैं और जटिल आयकर अधिनियम को समझने के लिए आवश्यक भाषा को सरल बनाया गया है।
नया अधिनियम अनावश्यक प्रावधानों और पुरानी भाषा को हटाता है और 1961 के आयकर अधिनियम की धारा 819 को घटाकर 536 और अध्याय 47 को घटाकर 23 कर देता है।
अधिनियम में शब्दों की संख्या 5.12 लाख से घटाकर 2.6 लाख कर दी
नए आयकर अधिनियम में शब्दों की संख्या 5.12 लाख से घटाकर 2.6 लाख कर दी गई है और पहली बार, इसमें 39 नई सारणियाँ और 40 नए सूत्र शामिल किए गए हैं, जो 1961 के अधिनियम के सघन पाठ्यांश को प्रतिस्थापित करते हैं और स्पष्टता बढ़ाते हैं।
इस ऐतिहासिक निर्णय का उद्देश्य देश के आयकर कानूनों को आधुनिक, सरल और नागरिक-अनुकूल बनाना है, जिससे आम करदाताओं से लेकर व्यवसायों तक, सभी के लिए इनका अनुपालन आसान हो सके।
नए आयकर अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ
- सरकारी स्वीकृति: 21 अगस्त 2025 को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई।
- प्रारंभ तिथि: 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।
- पुराने कानून का प्रतिस्थापन: यह नया कानून 1961 के अधिनियम का स्थान लेगा।
- कोई नई कर दरें नहीं: केवल संरचना में बदलाव किया गया है, कर दरें वही रहेंगी।
- भाषा और प्रारूप में बदलाव: कानून की भाषा को सरल बनाया गया है ताकि आम आदमी और नए करदाता इसे आसानी से समझ सकें।
नए आयकर अधिनियम की आवश्यकता क्यों पड़ी?
भारत में वर्तमान आयकर अधिनियम 1961 से लागू है। समय के साथ, इसमें सैकड़ों संशोधन हुए हैं, जिससे यह जटिल और तकनीकी हो गया है। इसके कई प्रावधान पुराने संदर्भों पर आधारित थे, जो आज की डिजिटल और वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रासंगिक नहीं रहे।
मुख्य चुनौतियाँ :
- भाषा की जटिलता
- एक ही बात को बार-बार दोहराना
- आधुनिक आर्थिक गतिविधि की स्पष्ट परिभाषा का अभाव
- अनुपालन का बोझ
- देर से रिटर्न दाखिल करने पर भारी जुर्माना
नया कानून क्या आसान बनाता है?
- ‘आय वर्ष’ और ‘पिछले वर्ष’ के स्थान पर ‘कर वर्ष’ का प्रयोग किया गया है।
- पुराने कानून में ‘पिछले वर्ष’ और ‘कर निर्धारण वर्ष’ की अवधारणाएँ कई लोगों के लिए भ्रामक थीं। अब इसे ‘कर वर्ष’ कहा जाएगा, जिससे इसे समझना आसान हो जाएगा।
Income Tax Act 2025: FAQ
Q1. आयकर अधिनियम, 2025 कब से लागू होगा?
आयकर अधिनियम, 2025 अगले वित्तीय वर्ष से यानी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।
Q2. क्या नए आयकर अधिनियम में कर दरें बदली गई हैं?
नहीं, नए कानून में कोई नई कर दरें शामिल नहीं की गई हैं। केवल भाषा, संरचना और प्रावधानों को सरल किया गया है।
Q3. नया अधिनियम किस पुराने कानून की जगह लेगा?
यह अधिनियम 1961 के आयकर अधिनियम का स्थान लेगा।
Q4. नया कानून क्यों लाया गया?
पुराना कानून 1961 से लागू था और समय के साथ उसमें कई संशोधन हुए, जिससे वह जटिल हो गया। नया अधिनियम कर कानून को सरल, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाने के लिए लाया गया है।
Q5. नए आयकर अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
- राष्ट्रपति की मंज़ूरी: 21 अगस्त 2025
- लागू होने की तिथि: 1 अप्रैल 2026
- कोई नई कर दरें नहीं
- कानून की भाषा सरल और संक्षिप्त
- पुराने जटिल प्रावधानों की जगह स्पष्ट सूत्र और सारणियाँ
Q6. नए अधिनियम में ‘कर वर्ष’ शब्द का क्या महत्व है?
नए कानून में ‘आय वर्ष’ और ‘पिछले वर्ष’ की जगह ‘कर वर्ष’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है, जिससे आम करदाताओं के लिए इसे समझना आसान हो जाएगा।







