विशाखापट्टनम में पहली बार एक साथ लॉन्च होंगे भारतीय नौसेना के दो आधुनिक युद्धपोत उदयगिरी और हिमगिरि

By: MPLive Team

On: Monday, August 25, 2025 5:12 PM

विशाखापट्टनम में पहली बार एक साथ लॉन्च होंगे भारतीय नौसेना के दो आधुनिक युद्धपोत उदयगिरी और हिमगिरि
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भारतीय नौसेना की ताकत में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है। 26 अगस्त को विशाखापट्टनम में नौसेना के दो आधुनिक युद्धपोत उदयगिरि (F35) और हिमगिरि (F34) का जलावतरण किया जाएगा। पूर्वी नौसैनिक कमान के अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह पहली बार होगा जब देश के दो प्रतिष्ठित शिपयार्ड द्वारा निर्मित दो बड़े युद्धपोतों का एक साथ जलावतरण होगा। इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर नौसेना और रक्षा उद्योग में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

उदयगिरि और हिमगिरि: प्रोजेक्ट 17A के अहम हिस्से

भारतीय नौसेना ने बताया कि उदयगिरि (F35) और हिमगिरि (F34) दोनों प्रोजेक्ट 17A के अंतर्गत तैयार किए गए अत्याधुनिक युद्धपोत हैं। उदयगिरि प्रोजेक्ट 17A का दूसरा स्टील्थ फ्रिगेट है जिसे मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने बनाया है। वहीं, हिमगिरि इस प्रोजेक्ट का पहला जहाज है, जिसे कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने तैयार किया है। प्रोजेक्ट 17A को नौसेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रम का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जो देश को आत्मनिर्भरता की दिशा में और आगे बढ़ाता है।

विशाखापट्टनम में पहली बार एक साथ लॉन्च होंगे भारतीय नौसेना के दो आधुनिक युद्धपोत उदयगिरी और हिमगिरि

तकनीकी क्षमताएँ और आधुनिक प्रणालियाँ

इन दोनों युद्धपोतों की क्षमता लगभग 6,700 टन है, जो इन्हें अपने पूर्ववर्ती शिवालिक क्लास फ्रिगेट्स से लगभग पाँच प्रतिशत बड़ा और शक्तिशाली बनाती है। ये जहाज कॉम्बाइंड डीज़ल ऑर गैस (CODOG) प्रोपल्शन सिस्टम पर आधारित हैं, जिसमें डीज़ल इंजन और गैस टर्बाइन दोनों का प्रयोग होता है। इसके अलावा, इन्हें कंट्रोल करने योग्य पिच प्रोपेलर्स और इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम (IPMS) से संचालित किया जाता है। इन अत्याधुनिक तकनीकों के प्रयोग से जहाजों की गति, संतुलन और संचालन क्षमता और भी बेहतर हो गई है।

घातक हथियारों से लैस होंगे युद्धपोत

उदयगिरि और हिमगिरि को आधुनिकतम हथियार प्रणालियों से सुसज्जित किया गया है। इनमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, 76 मिमी एमआर गन, और 30 मिमी तथा 12.7 मिमी के क्लोज-इन वेपन सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही ये जहाज पनडुब्बी रोधी और पानी के नीचे मार करने वाले हथियारों से भी लैस हैं। इनकी मारक क्षमता और बहुआयामी तकनीकें इन्हें दुश्मनों के लिए बेहद खतरनाक और भारतीय समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए मजबूत किला बना देती हैं।

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