उदयपुर, राजस्थान में एक भयंकर सड़क हादसा हुआ है। खबर है कि खेरवाड़ा इलाके में एक कार ड्रेन में गिर गई। कार में कुल पांच लोग सवार थे। इस हादसे में दो लोग सुरक्षित रहे, जबकि तीन लोग लापता हो गए। देर रात तक पुलिस ने जांच कर दो लापता लोगों के शव बरामद कर लिए, लेकिन एक व्यक्ति अभी तक नहीं मिला। खेरवाड़ा पुलिस स्टेशन के अधिकारी दलपत सिंह ने बताया कि “हादसा खेरवाड़ा क्षेत्र में हुआ। जांच के बाद दो लापता लोगों के शव बरामद किए गए, एक व्यक्ति अभी लापता है।” हादसे के बाद उदयपुर सिविल डिफेंस की टीम ने कार को बाहर निकालकर सुरक्षित किया।
भारी बारिश और जलभराव
राजस्थान में पिछले चार दिनों से भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। किसानों, आम नागरिकों और सरकार के लिए समस्याएँ बढ़ गई हैं। राज्य के दर्जनों जिलों के अधिकांश क्षेत्र जलमग्न हो चुके हैं। कई गाँव और शहर बाढ़ जैसी स्थिति में हैं। नदियाँ और नाले तेज बहाव में हैं और शहरों के नदी-नाले उफान पर हैं। ऐसे में सड़क और रेल यातायात पर भी असर पड़ा है।
प्रभावित जिलों की स्थिति
विशेष रूप से सवाई माधोपुर, कोटा, बुंदी, टोंक, दौसा, उदयपुर, झालावाड़ और सीकर में बाढ़ का संकट गंभीर है। इन जिलों में स्कूल सोमवार को बंद रहे और कोटा विश्वविद्यालय की परीक्षाएँ स्थगित कर दी गईं। प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। सवाई माधोपुर और कोटा में 300 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और ऊँचे स्थानों पर रहने की अपील की है।
प्रशासन और राहत कार्य
राजस्थान सरकार और स्थानीय प्रशासन बारिश और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव कार्य कर रहे हैं। सेना और राज्य आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट किया गया है। प्रशासन ने कहा है कि लोगों को जलमग्न क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए और यदि आवश्यकता पड़े तो मदद के लिए नजदीकी प्रशासनिक कार्यालयों या आपदा प्रबंधन केंद्रों से संपर्क करें। मौसम विभाग ने भी आगे की भारी बारिश और नदियों के उफान के लिए चेतावनी जारी की है। नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।







