केरल के कन्नूर ज़िले में शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात एक भीषण धमाका हुआ, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। यह घटना कन्नापुरम के कीझारा क्षेत्र में स्थित एक किराए के मकान में हुई। धमाके की तीव्रता इतनी जबरदस्त थी कि पूरा मकान तहस-नहस हो गया। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, लेकिन शव इतनी बुरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में मिला कि मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और आसपास के घरों में रहने वाले लोग भी सहमे हुए हैं।
देर रात धमाके से दहशत, जांच जारी
यह धमाका रात करीब 2 बजे हुआ। धमाके की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि धमाके की वजह क्या थी और क्या मलबे में और लोग दबे हो सकते हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, मकान के मालिक का नाम गोविंदन है, जिसने यह घर अनूप नामक शख्स को किराए पर दे रखा था। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि मृतक वही किराएदार है या कोई और व्यक्ति।

पटाखों और देसी बम फटने की आशंका
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस मकान में अक्सर पटाखे बनाए जाते थे, और संभव है कि वहां रखा कोई देसी बम (गुंडु) फट गया हो। फिलहाल पुलिस घटनास्थल से बरामद सामग्री की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि धमाका किसी विस्फोटक पदार्थ से हुआ या फिर किसी अन्य कारण से। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यदि यह विस्फोटक सामग्री से जुड़ा मामला निकला तो आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल इलाके को सील कर दिया गया है और बारीकी से जांच जारी है।
बस हादसे में छह की मौत, कई घायल
इसी बीच, कर्नाटक-केरल सीमा पर तालापडी इलाके में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ। कसारगोड से मैंगलुरु जा रही केएसआरटीसी (KSRTC) बस का ब्रेक फेल हो गया और अनियंत्रित होकर बस एक बस स्टैंड और ऑटो-रिक्शा से जा टकराई। इस दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गई, जिनमें से चार एक ही परिवार के थे। मृतकों में पांच वयस्क और एक नाबालिग बच्ची शामिल है। हादसा दोपहर करीब 1:15 बजे हुआ। पुलिस ने बताया कि सात लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जांच में ब्रेक फेल को हादसे का कारण माना गया है। वहीं, परिवहन विभाग और केएसआरटीसी के अधिकारी मौके पर पहुंचकर वाहन की तकनीकी खामियों और रखरखाव प्रक्रिया की जांच कर रहे हैं। साथ ही बचाव और राहत कार्य तेज़ी से जारी है।







