असम में बड़ी कार्रवाई करते हुए सिविल सेवा अधिकारी (ACS) नुपुर बोरा को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की विशेष सतर्कता टीम ने नुपुर बोरा के दो ठिकानों पर छापा मारा, जिसमें करीब 2 करोड़ रुपये की नकदी और आभूषण बरामद हुए। इस कार्रवाई का आधार उनके कथित विवादित भूमि सौदों में शामिल होने का संदेह बताया गया है। जांच के दौरान, नुपुर बोरा पर छह महीने से विशेष नजर रखी जा रही थी। पूरे राज्य में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और जांच अभी भी जारी है।
छापेमारी में क्या मिला?
नुपुर बोरा के गुवाहाटी स्थित मुख्य आवास से करीब 92 लाख रुपये नकद और लगभग 1 करोड़ रुपये के आभूषण बरामद हुए। इसके अलावा, बारपेटा में उनके किराए के घर से 10 लाख रुपये नकद प्राप्त हुए। इतनी संपत्ति देखकर यह सवाल उठ रहा है कि सरकारी वेतन से इतनी बड़ी संपत्ति कैसे बनाई जा सकती है। नुपुर बोरा ने 2019 में असम सिविल सेवा में प्रवेश किया था और अब तक कुल 6 वर्ष हो चुके हैं।

नुपुर बोरा कौन हैं?
नुपुर बोरा असम सिविल सेवा अधिकारी हैं, जिनका जन्म 31 मार्च 1989 को गोलाघाट जिले में हुआ था। उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में स्नातक किया और कॉटन कॉलेज से शिक्षा ग्रहण की। सिविल सेवा में शामिल होने से पहले वह जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (DIET) में लेक्चरर के रूप में कार्यरत थीं। नुपुर बोरा ने करबी अंगलॉंग में सहायक आयुक्त के रूप में कार्य करना शुरू किया और बाद में बारपेटा और कामरूप जिलों में सर्कल अधिकारी के रूप में सेवाएं दीं।
आय और संपत्ति पर सवाल
प्रारंभिक पुलिस जांच में यह पता चला है कि नुपुर बोरा ने सरकारी वेतन के अलावा करोड़ों रुपये की संपत्ति जुटाई है। इस धन के स्रोत को लेकर संदेह जताया जा रहा है। विशेष सतर्कता टीम ने बताया कि यह जांच चल रही है कि यह संपत्ति अवैध स्रोत से तो नहीं प्राप्त हुई। इसके साथ ही उनके कथित सहयोगी लाट मंडल सुरजित डेका के घर पर भी छापे मारे गए। सुरजित डेका बारपेटा के रेवेन्यू सर्किल कार्यालय में कार्यरत हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने नुपुर बोरा की मदद से कई भूमि संपत्तियों की खरीद की। सुरजित डेका के खिलाफ भी गहन जांच जारी है।







