Ladakh को राज्य बनाने की मांग में Sonam Wangchuk ने उपवास तोड़ा, हिंसक प्रदर्शन ने बढ़ाई तनाव की स्थिति

By: MPLive Team

On: Wednesday, September 24, 2025 6:31 PM

Ladakh को राज्य बनाने की मांग में Sonam Wangchuk ने उपवास तोड़ा, हिंसक प्रदर्शन ने बढ़ाई तनाव की स्थिति
Google News
Follow Us
---Advertisement---

जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षक सोनम वांगचुक, जो लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर थे, ने बुधवार को अपना 15 दिन का उपवास समाप्त कर दिया। उनका यह निर्णय लेह में बढ़ते तनाव और हिंसक प्रदर्शनों के बीच आया। हाल ही में हुई हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के घटनाक्रम ने स्थानीय प्रशासन और नागरिकों में चिंता बढ़ा दी थी। वांगचुक ने कहा कि इस हिंसा से उनका मन गहरा दुखी हुआ और यह स्थिति उनके आंदोलन की मूल भावना के अनुकूल नहीं है।

युवाओं से शांति की अपील

सोनम वांगचुक ने कहा कि लेह में हुई हिंसा केवल कुछ समर्थकों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह पूरे लद्दाख की भावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने इसे युवाओं की “क्रोधपूर्ण ऊर्जा” और एक तरह की जनरेशन-जेड क्रांति बताया, जिसने उन्हें सड़कों पर ला दिया। वांगचुक ने स्पष्ट किया कि आज कोई लोकतांत्रिक मंच नहीं है, इसलिए उन्होंने लद्दाख के युवाओं से हिंसा का सहारा न लेने की अपील की। उनका मानना है कि पिछले पांच वर्षों के आंदोलन के प्रयास इस तरह के हिंसक कदमों से बेकार हो सकते हैं।

शांति का संदेश और सरकार का मार्गदर्शन

सोनम वांगचुक ने जोर देकर कहा कि सरकार ने शांति का संदेश दिया है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को शांति के मार्ग पर चलना चाहिए ताकि आंदोलन का उद्देश्य सुरक्षित रूप से पूरा किया जा सके। उनका मानना है कि जब आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ेगा, तभी लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने की दिशा में वास्तविक प्रगति होगी। वांगचुक ने सभी से सहयोग और संयम बनाए रखने की अपील की।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें

लेह और लद्दाख में प्रदर्शनकारी चार प्रमुख मांगें कर रहे हैं: लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा, संवैधानिक सुरक्षा के तहत 6वीं अनुसूची का लाभ, कारगिल और लेह के लिए अलग लोकसभा सीटें, और सरकारी नौकरियों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता। इन मांगों पर अगली बैठक 6 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाली है। याद रहे कि 2019 में अनुच्छेद 370 और 35A को रद्द करने के बाद, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था। उस समय सरकार ने आश्वासन दिया था कि स्थिति सामान्य होने पर लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान किया जाएगा।

For Feedback - devendra.abpnews@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment