भारत ने पाकिस्तान को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर उसने आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद नहीं किया, तो उसे अपने अस्तित्व पर ही खतरा उठाना पड़ सकता है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने राजस्थान के अनूपगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि यदि पाकिस्तान अपनी भौगोलिक उपस्थिति बनाए रखना चाहता है, तो उसे राज्य प्रायोजित आतंकवाद को रोकना ही होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस बार भारत किसी भी तरह का संयम नहीं दिखाएगा जैसा पहले दिखाया गया था। उन्होंने कहा, “यदि पाकिस्तान को दुनिया के नक्शे पर रहना है तो उसे आतंकवाद को समर्थन देना बंद करना होगा।”
ऑपरेशन सिंदूर से मिली दुनिया में मान्यता
सेना प्रमुख ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर 1.0 का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान भारत ने दुनिया के सामने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी ठिकानों के सबूत पेश किए थे। अगर भारत ने यह सबूत सामने नहीं रखे होते तो पाकिस्तान हमेशा इन आतंकी ठिकानों को छिपा देता। उन्होंने कहा कि जब 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की थी, तब पूरा विश्व भारत के साथ खड़ा हुआ। इस दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सीमा के भीतर नौ ठिकानों को निशाना बनाया था, जिनमें से सात लक्ष्य सेना ने और दो लक्ष्य वायुसेना ने ध्वस्त किए थे।

“सैनिक तैयार रहें, समय नजदीक है”
जनरल द्विवेदी ने सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे पूरी तैयारी में रहें। उन्होंने कहा, “अगर भगवान ने चाहा तो आपको अवसर जल्द ही मिलेगा। शुभकामनाएँ।” सेना प्रमुख ने कहा कि आने वाला संघर्ष केवल सेना का नहीं बल्कि पूरे देश का संघर्ष होगा। उन्होंने सीमा पर रहने वाले लोगों को भी सैनिकों की तरह संबोधित करते हुए कहा कि हम उन्हें नागरिक नहीं बल्कि सैनिक मानते हैं। उनका कहना था कि सीमावर्ती नागरिक कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं और इस लड़ाई में उनका योगदान बेहद अहम है।
पहलगाम हमले के बाद भारत की निर्णायक कार्रवाई
सेना प्रमुख की यह चेतावनी वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान के चार से पाँच लड़ाकू विमानों को मार गिराया था, जिनमें अमेरिकी F-16 और चीनी JF-17 भी शामिल थे। 7 मई की सुबह भारत ने लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता वाले हथियारों का इस्तेमाल कर पाकिस्तान और पीओके में स्थित नौ आतंकी शिविरों पर हमला किया। इस जवाबी कार्रवाई ने पाकिस्तान को गहरा संदेश दिया कि भारत अब किसी भी प्रकार का आतंकवादी हमला बर्दाश्त नहीं करेगा और हर बार उसका कड़ा जवाब देगा।







