धार, मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के धार के लोकायुक्त ने एक बड़ा कदम उठाया है। अपनी हिम्मत को और मज़बूत करते हुए टीम ने एक लेखापाल को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। पीड़ित से यह पैसे उसकी पेंशन से NPS काटने के बदले मांगे गए थे।
NPS का पैसा निकालने के बदले रिश्वत की मांग
दरअसल, धार के रहने वाले रंजीत बामनिया ने इंदौर लोकायुक्त ऑफिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके पिता कुंवर सिंह बामनिया 31 जुलाई 2025 को सीएम राइस स्कूल, दाहिर में चपरासी के पद से रिटायर हुए थे। उनकी पेंशन से NPS का पैसा निकालने के बदले में अकाउंट्स ब्रांच के आरोपी असिस्टेंट ग्रेड 3 इंचार्ज दिनेश भिड़े ने 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी।
10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा
शिकायत की सच्चाई पता चलने के बाद इंदौर लोकायुक्त टीम ने आरोपी दिनेश भिड़े को पीड़ित से 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। ट्रैप कलेक्शन टीम में इंस्पेक्टर रेनू अग्रवाल, हेड कांस्टेबल प्रमोद यादव, कांस्टेबल पवन पटेरिया, सतीश यादव, मनीष माथुर और कृष्ण अहिरवार शामिल थे।







