बॉर्डर 2’ बड़े पर्दे पर एक भव्य वॉर ड्रामा के रूप में आई है, जिसमें सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म 1971 के भारत-पाक युद्ध पर आधारित है और पहले ‘बॉर्डर’ की तरह इस बार भी दर्शकों से उम्मीदें बहुत थीं। फिल्म की कहानी तीन दोस्तों—एक आर्मी ऑफिसर होशियार सिंह (वरुण धवन), एयरफोर्स पायलट निर्मलजीत सिंह (दिलजीत दोसांझ) और नौसेना कमांडर महेंद्र रावत (अहान शेट्टी)—के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने-अपने मोर्चों पर देश की रक्षा करते हैं। सनी देओल उनके मेंटर फतेह सिंह की भूमिका निभाते हैं और उनका अभिनय फिल्म की जान है।
अभिनय के मामले में फिल्म बेहद मजबूत है। सनी देओल की स्क्रीन प्रेजेंस, उनका जोश और गुस्सा प्रभावशाली है। वरुण धवन ने भी अपनी आलोचनाओं को पीछे छोड़ते हुए भावनात्मक और सच्चे अभिनय से सभी को प्रभावित किया है। दिलजीत दोसांझ का एयरफोर्स वाला लुक और अहान शेट्टी की एक्टिंग भी अच्छी लगी। फीमेल कलाकारों ने कम परदे पर होने के बावजूद असर छोड़ा है।
हालांकि, निर्देशन उतना प्रभावी नहीं दिखा जितना कि बड़े बजट की इस फिल्म से उम्मीद थी। कहानी को बारीकी से पेश करने की बजाय फिल्म देशभक्ति और स्टार पावर पर अधिक निर्भर दिखती है। कई सीन अच्छे हैं लेकिन पूरे फिल्म में एकसमान क्वालिटी नहीं है।
म्यूजिक ने फिल्म में जान डाली है। ‘घर कब आओगे’ और ‘मिट्टी के बेटे’ जैसे गीत दिल को छू जाते हैं। लेकिन तकनीकी तौर पर फिल्म निराश करती है। खासकर वीएफएक्स कमजोर हैं और कई जगह विजुअल्स शार्प नहीं लगते।
अगर आप सलीके से बुनी कहानी और दमदार तकनीकी विजुअल्स चाहते हैं तो ‘बॉर्डर 2’ आपकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरेगी। लेकिन यदि आप देशभक्ति, मजबूत स्टार कास्ट और भावुक युद्ध दृश्य देखना पसंद करते हैं तो यह फिल्म आपके लिए ठीक रहेगी।







