बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या, 23 साल के चंचल भौमिक को गैरेज के अंदर जिंदा जलाया

By: MPLive Team

On: Sunday, January 25, 2026 11:27 AM

बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या, 23 साल के चंचल भौमिक को गैरेज के अंदर जिंदा जलाया
Google News
Follow Us
---Advertisement---

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ती जा रही है. देश में एक और दर्दनाक मामला सामने आया है. बांग्लादेश के नरसिंदी में शुक्रवार रात, 23 जनवरी को एक 23 साल के हिंदू युवक चंचल भौमिक को गैराज के अंदर जिंदा जला कर मार दिया गया.स्थानीय लोगों और मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, चंचल भौमिक, जो नरसिंदी पुलिस लाइन्स के पास मस्जिद मार्केट इलाके में एक गैराज में काम करता था, रोज की तरह उस दिन भी काम खत्म करने के बाद गैराज के अंदर ही सो रहा था. देर रात एक अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर बाहर से गैराज का शटर बंद किया, पेट्रोल डाला और उसे मारने की नीयत से गैराज में आग लगा दी.

बताया जा रहा है कि गैराज के सीसीटीवी फुटेज में पहले शटर के बाहर आग की लपटें उठती दिखती हैं, जो तेजी से अंदर फैल जाती हैं. प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि आरोपी काफी देर तक गैराज के बाहर खड़ा रहा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि चंचल जलकर मर जाए और इसके बाद वो मौके से फरार हो गया. जब स्थानीय निवासियों ने आग देखी तो उन्होंने फायर सर्विस को सूचना दी. दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. इसके बाद गैराज के अंदर से चंचल भौमिक का जला हुआ शव बरामद किया गया.

कौन है चंचल भौमिक?
चंचल भौमिक, कोमिल्ला जिले के लक्ष्मीपुर गांव के रहने वाले स्वर्गीय खोकन चंद्र भौमिक और प्रमिता रानी भौमिक का बेटा था. पिता की मौत के बाद वो अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला बन गया था. उसके परिवार में उसकी बीमार मां, दिव्यांग बड़ा भाई और एक छोटा भाई शामिल हैं. वो पिछले 6 सालों से रुबेल मिया के गैराज में काम कर रहा था और काम के सिलसिले में नरसिंदी में रह रहा था.

क्यों हुई हत्या
पीड़ित के परिवार का कहना है कि चंचल की किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी या विवाद नहीं था और वो उसे एक शांत, ईमानदार और मेहनतकश युवक बताते हैं. स्थानीय लोगों और गैराज मालिक ने भी इन बातों की पुष्टि की और कहा कि हत्या के पीछे कोई स्पष्ट व्यक्तिगत कारण नजर नहीं आता. कई स्थानीय निवासियों ने नाम न छापने की शर्त पर आशंका जताई कि इसके पीछे धार्मिक कारण हो सकते हैं, क्योंकि बांग्लादेश के अलग-अलग हिस्सों में हिंदू समुदाय के लोगों को निशाना बनाए जाने की ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक हत्या के मकसद की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

अल्पसंख्यकों पर बढ़ रही हिंसा
इससे पहले भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ती जा रही है. इसी के चलते इस घटना की तुलना देश में हिंदुओं पर हुए पहले के हमलों से की जा रही है. दिसंबर के अंत में, शरियतपुर जिले में 50 साल के व्यापारी खोकन दास पर भीड़ ने हमला कर उन्हें जिंदा जला दिया था. दास, जो एक छोटी दवा दुकान के मालिक थे, उनपर घर लौटते समय चाकू से हमला किया गया, पीटा गया, पेट्रोल डाला गया और फिर आग लगा दी गई. इसी के साथ देश में दीपु चंद्र दास की हत्या का मामला सामने आया था.

For Feedback - devendra.abpnews@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment