बारामती के रनवे पर 28 जनवरी 2026 की सुबह हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे महाराष्ट्र और देश को गहरे सदमे में डाल दिया। इस दर्दनाक हादसे में महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता अजित पवार समेत पांच लोगों की जान चली गई। हादसा इतना गंभीर था कि मलबे से शवों की पहचान करना प्रशासन के लिए बेहद मुश्किल साबित हुआ। इस कठिन समय में एक छोटी सी चीज ने उनके अस्तित्व की अंतिम पुष्टि की, और वह थी अजित पवार की कलाई पर बंधी घड़ी। इस घड़ी ने न सिर्फ उनके राजनीतिक सफर की याद दिलाई, बल्कि हादसे के बाद उनकी अंतिम पहचान का भी काम किया।
घड़ी और राजनीतिक पहचान का अनोखा रिश्ता
अजित पवार की राजनीतिक पहचान ‘घड़ी’ से गहरे जुड़ी थी। राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी का चुनाव चिह्न ‘घड़ी’ उनके राजनीतिक जीवन का एक अहम प्रतीक था। वर्षों तक उन्होंने इस चिह्न की कानूनी लड़ाई लड़ी ताकि पार्टी की नई पहचान बन सके। यह घड़ी उनके करियर का प्रतीक मात्र नहीं थी, बल्कि यह उनकी राजनीतिक छवि का हिस्सा भी थी। अब इस दर्दनाक हादसे के बाद उनकी कलाई की घड़ी ही प्रशासन के लिए उनके अस्तित्व की अंतिम पहचान बन गई। इस घड़ी ने उनके व्यक्तित्व और राजनीतिक सफर की कहानी को बयाँ किया, जो उनके परिवार और समर्थकों के लिए भी भावुक करने वाला था।
हादसे के बाद पहचान की मुश्किलें और घड़ी की अहमियत
बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान अजित पवार का प्लेन क्रैश हो गया। हादसा इतना विकट था कि हादसे के बाद शवों की पहचान करना बेहद कठिन हो गया। मलबे के बीच उनके चेहरे या अन्य पहचान योग्य निशान धुंधले हो गए थे। ऐसे समय में प्रशासन के एक अधिकारी ने उनकी कलाई पर बंधी घड़ी देखकर यह निश्चित किया कि यह अजित पवार ही हैं। इस घड़ी ने उनके अस्तित्व को साबित करने में निर्णायक भूमिका निभाई। प्रशासन के लिए यह छोटा सा सामान उनकी पहचान की अंतिम कड़ी साबित हुआ।
Rolex ब्रांड की घड़ी और उसका महत्व
सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार की कलाई पर जो घड़ी थी, वह विश्व प्रसिद्ध Rolex ब्रांड की थी। Rolex घड़ियां अपनी टिकाऊपन, डिजाइन और प्रीमियम क्वालिटी के लिए दुनियाभर में जानी जाती हैं। बाजार में Rolex की कीमत उनके मॉडल और फीचर्स के अनुसार लाखों में होती है। बताया जा रहा है कि अजित पवार की यह घड़ी 8 से 12 लाख रुपये के बीच की कीमत वाली थी। इस घड़ी का सिर्फ आर्थिक मूल्य ही नहीं, बल्कि भावनात्मक और प्रतीकात्मक महत्व भी बहुत बड़ा था। यह घड़ी न केवल उनके व्यक्तिगत स्टाइल का हिस्सा थी, बल्कि उनकी राजनीतिक पहचान का भी पर्याय बन गई थी। यह छोटी सी वस्तु इस दुखद हादसे में उनके परिवार और प्रशासन के लिए उनकी अंतिम और अमूल्य पहचान बन गई।







