बजट 2026 का बड़ा सवाल: घोषणाएं आज, फायदा कब से मिलेगा आम जनता को?

By: MPLive Team

On: Sunday, February 1, 2026 2:47 PM

बजट 2026 का बड़ा सवाल: घोषणाएं आज, फायदा कब से मिलेगा आम जनता को?
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हर साल 1 फरवरी को जब वित्त मंत्री बजट भाषण शुरू करती हैं तो देश के करोड़ों लोगों के मन में एक ही सवाल चलता है कि आज जो कहा जा रहा है उसका फायदा कब मिलेगा। टैक्स में छूट होगी या नहीं। कोई नई योजना आएगी या पुरानी स्कीम में राहत मिलेगी। महंगाई कम होगी या जेब पर बोझ बढ़ेगा। बजट भाषण सुनते समय लोग तुरंत असर की उम्मीद करने लगते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि बजट एक दिन का एलान नहीं बल्कि आने वाले पूरे साल की आर्थिक दिशा तय करने वाला दस्तावेज होता है। बजट में जो भी कहा जाता है वह एक प्रस्ताव होता है। उसे लागू करने के लिए कई सरकारी प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ती हैं। इसलिए बजट के दिन जो सुनाई देता है और जमीन पर जो होता है उसके बीच थोड़ा इंतजार जरूरी होता है।

1 अप्रैल क्यों है सबसे अहम तारीख

बजट चाहे 1 फरवरी को पेश हो लेकिन भारत में असली बदलाव की तारीख 1 अप्रैल होती है। इसकी वजह यह है कि देश का वित्त वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होकर 31 मार्च तक चलता है। टैक्स स्लैब में बदलाव। इनकम टैक्स छूट। सब्सिडी की नई दरें। सरकारी खर्च और ज्यादातर योजनाएं नए वित्त वर्ष से ही लागू होती हैं। इसका मतलब यह हुआ कि फरवरी में बजट सुनने के बाद आम आदमी को असली असर अप्रैल से दिखना शुरू होता है। मार्च का महीना बजट प्रस्तावों को कानूनी रूप देने का समय होता है। संसद में फाइनेंस बिल पास होता है। नियमों की अधिसूचना जारी होती है। इसके बाद ही सरकार नई व्यवस्था को लागू कर पाती है।

किन घोषणाओं का फायदा तुरंत मिल सकता है

हर फैसला अप्रैल तक टाल दिया जाए ऐसा भी नहीं होता। बजट में कुछ ऐसे एलान होते हैं जिनका असर तुरंत या कुछ ही दिनों में दिखने लगता है। जैसे कस्टम ड्यूटी में बदलाव। एक्साइज ड्यूटी में कटौती या बढ़ोतरी। किसी खास उत्पाद पर टैक्स घटाना या बढ़ाना। ऐसे मामलों में सरकार बजट के साथ ही अधिसूचना जारी कर देती है। इसका असर बाजार में तुरंत नजर आता है। पेट्रोल डीजल। इलेक्ट्रॉनिक सामान। आयातित वस्तुएं। इनकी कीमतों में तेजी से बदलाव दिख सकता है। लेकिन नई योजनाओं के मामले में ऐसा नहीं होता। नई योजना के लिए नियम बनते हैं। पात्रता तय होती है। आवेदन की प्रक्रिया बनाई जाती है। कई बार राज्यों से सहमति लेनी पड़ती है। इसलिए ऐसी योजनाओं का फायदा मिलने में कुछ महीने लग जाते हैं।

बड़ी योजनाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर में क्यों लगता है समय

बजट में जब सड़क। रेलवे। एयरपोर्ट। हाई स्पीड रेल या बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का एलान होता है तो लोगों को लगता है कि काम तुरंत शुरू हो जाएगा। लेकिन हकीकत थोड़ी अलग होती है। जमीन अधिग्रहण। टेंडर प्रक्रिया। डिजाइन। पर्यावरण मंजूरी। निर्माण। इन सभी चरणों में समय लगता है। इसलिए ऐसे प्रोजेक्ट्स में असली फायदा दिखने में एक से दो साल या उससे ज्यादा समय भी लग सकता है। हां अगर किसी पुरानी योजना का दायरा बढ़ाया गया है या बजट बढ़ाया गया है तो उसका फायदा अपेक्षाकृत जल्दी दिखता है। क्योंकि ढांचा पहले से मौजूद होता है। कुल मिलाकर बजट उम्मीदों का दस्तावेज है। तुरंत चमत्कार नहीं करता। लेकिन सही दिशा में धीरे धीरे असर जरूर दिखाता है।

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