अगर आप स्मार्टफोन यूज करते हैं तो आपने अक्सर सुना होगा कि फोन का ब्लूटूथ और वाई-फाई बंद रखना चाहिए। ऐसा इसलिए कहा जाता था ताकि आपके फोन की बैटरी लंबे समय तक चले और बार-बार चार्ज करने की जरूरत न पड़े। लेकिन तकनीक के लगातार विकास के साथ अब मॉडर्न स्मार्टफोन में ब्लूटूथ और वाई-फाई का बैटरी पर असर पहले जैसा नहीं रह गया है। आज के स्मार्टफोन लो एनर्जी सिस्टम से लैस हैं जो एक्टिव रहने पर भी बैटरी की खपत को न्यूनतम रखते हैं।
ब्लूटूथ करता है कम बैटरी खपत
पहले ब्लूटूथ को लगातार ऑन रखने से बैटरी जल्दी खत्म हो जाती थी, लेकिन अब यह स्थिति बदल गई है। आजकल के स्मार्टफोन ब्लूटूथ लो एनर्जी (BLE) तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। यह सिस्टम केवल 2.5 mW एनर्जी खर्च करता है, जिससे ब्लूटूथ हमेशा ऑन रहने पर भी बैटरी डिस्चार्ज होने में लगभग तीन महीने लग सकते हैं। ब्लूटूथ का सिग्नल केवल कुछ मीटर तक ही भेजा जाता है, जैसे फोन से हेडफोन तक, इसलिए इसे बहुत कम ऊर्जा की जरूरत होती है। जब आप डेटा ट्रांसफर नहीं कर रहे होते, तो ब्लूटूथ स्लीप मोड में चला जाता है और इस दौरान बैटरी का लगभग कोई खर्च नहीं होता।
वाई-फाई का स्मार्ट इस्तेमाल बैटरी बचाए
वाई-फाई मोबाइल नेटवर्क की तुलना में बैटरी की कम खपत करता है। यह एनर्जी एफिशिएंट होने के कारण आपके फोन की बैटरी बचाने में मदद करता है। अगर आपके पास वाई-फाई और मोबाइल नेटवर्क दोनों हैं और आप वाई-फाई का उपयोग कर रहे हैं, तो फोन की बैटरी ज्यादा समय तक चलेगी। इसलिए सुझाव दिया जाता है कि जब वाई-फाई उपलब्ध हो तो अपने फोन को उसी पर चलाएं। इससे न केवल बैटरी बचती है बल्कि इंटरनेट की स्पीड भी बेहतर रहती है।
वाई-फाई चालू रहने पर बैटरी खर्च
वाई-फाई चालू रहने पर बैटरी की खपत दो बातों पर निर्भर करती है। पहला, जब फोन कनेक्टेड हो: यदि आपका फोन घर या ऑफिस के वाई-फाई से जुड़ा है और आप इसका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो बैटरी की खपत न के बराबर होती है। दूसरा, जब फोन कनेक्टेड नहीं हो: सफर के दौरान अगर वाई-फाई ऑन है, तो फोन लगातार नए नेटवर्क खोजने की कोशिश करता है। इस प्रक्रिया में थोड़ी बैटरी खर्च होती है, लेकिन यह इतना कम है कि दिन भर में केवल 1-2 प्रतिशत ही फर्क दिखता है। इसलिए अब ब्लूटूथ और वाई-फाई को बंद करने की पुरानी सलाह जरूरी नहीं रही, और आप इन्हें आसानी से ऑन रख सकते हैं बिना बैटरी की चिंता किए।







