आज की तेज रफ्तार जिंदगी में समय पर पहुंचना एक चुनौती बन चुका है। ऑफिस की मीटिंग हो या कॉलेज की क्लास या फिर कोई जरूरी अपॉइंटमेंट। कुछ मिनट की देरी भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर कौन सी घड़ी ज्यादा सही समय बताती है। एनालॉग या डिजिटल। देखने में दोनों अलग हैं लेकिन असली फर्क इनके काम करने के तरीके में छिपा है। यही वजह है कि लोग अक्सर कन्फ्यूज हो जाते हैं कि भरोसा किस पर किया जाए।
एनालॉग घड़ी कैसे बताती है समय
एनालॉग घड़ियों में समय को घंटे मिनट और सेकेंड की सुइयों के जरिए दिखाया जाता है। पारंपरिक मैकेनिकल एनालॉग घड़ियां स्प्रिंग और गियर सिस्टम पर चलती हैं। इन्हें समय समय पर वाइंड करना पड़ता है और तापमान झटके या रोजमर्रा के इस्तेमाल से इनमें रोज कुछ सेकेंड का फर्क आ सकता है। यही कारण है कि मैकेनिकल एनालॉग घड़ियों को पूरी तरह सटीक नहीं माना जाता।
हालांकि क्वार्ट्ज तकनीक वाली एनालॉग घड़ियां काफी हद तक इस समस्या को दूर कर देती हैं। इनमें बैटरी और क्वार्ट्ज क्रिस्टल का इस्तेमाल होता है। बैटरी से ऊर्जा मिलने पर क्वार्ट्ज एक निश्चित फ्रीक्वेंसी पर वाइब्रेट करता है जिससे समय ज्यादा स्थिर और भरोसेमंद हो जाता है। रोजमर्रा के इस्तेमाल में ये घड़ियां काफी सही समय देती हैं।
डिजिटल घड़ियों की तकनीक क्या है
डिजिटल घड़ियों में समय सीधे अंकों के रूप में दिखाई देता है। घंटे मिनट और सेकेंड स्क्रीन पर साफ नजर आते हैं जिससे समय पढ़ने में कोई भ्रम नहीं रहता। ज्यादातर डिजिटल घड़ियां भी क्वार्ट्ज तकनीक पर ही आधारित होती हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि समय को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से एलसीडी या एलईडी स्क्रीन पर दिखाया जाता है।
डिजिटल घड़ियों की खासियत इनके अतिरिक्त फीचर्स हैं। इनमें अलार्म स्टॉपवॉच टाइमर और कई बार ऑटोमैटिक टाइम अपडेट जैसी सुविधाएं मिलती हैं। कुछ आधुनिक डिजिटल घड़ियां रेडियो सिग्नल या जीपीएस के जरिए अपने आप सही समय से सिंक हो जाती हैं। यही वजह है कि इन्हें बेहद सटीक माना जाता है।
आखिर कौन सी घड़ी है सबसे ज्यादा सटीक
असल में समय की सटीकता इस बात पर निर्भर नहीं करती कि घड़ी एनालॉग है या डिजिटल। बल्कि यह इस बात पर निर्भर करती है कि उसके अंदर कौन सी तकनीक इस्तेमाल हुई है। क्वार्ट्ज तकनीक पर आधारित एनालॉग और डिजिटल दोनों घड़ियां आमतौर पर महीने में सिर्फ कुछ सेकेंड का ही अंतर दिखाती हैं।
मैकेनिकल एनालॉग घड़ियां तुलना में थोड़ी कम सटीक होती हैं और इन्हें समय समय पर ठीक करना पड़ता है। अगर आपको बिल्कुल सटीक समय चाहिए तो क्वार्ट्ज या जीपीएस आधारित डिजिटल घड़ी बेहतर विकल्प हो सकती है। वहीं स्टाइल और क्लासिक लुक पसंद करने वालों के लिए क्वार्ट्ज एनालॉग घड़ी भी उतनी ही भरोसेमंद है। सही तकनीक वाली घड़ी चुन ली जाए तो ऑफिस या कॉलेज लेट होने की टेंशन काफी हद तक खत्म हो सकती है।







