बेकिंग सोडा या खाना बनाने वाली सोडा लगभग हर घर में आसानी से उपलब्ध होता है। यह आमतौर पर केक या अन्य व्यंजनों में इस्तेमाल होता है, लेकिन कुछ लोग इसे पानी में मिलाकर पीते हैं। ऐसा माना जाता है कि बेकिंग सोडा पानी पेट की एसिडिटी और गैस में राहत देता है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह क्षारीय (Alkaline) होता है और पेट में अत्यधिक एसिड को अस्थायी रूप से संतुलित करता है। कभी-कभी मसालेदार या भारी भोजन के बाद इसे पीना फायदेमंद रहता है। यह हार्टबर्न या जलन से भी राहत दिला सकता है।
गैस, कब्ज और पीएच बैलेंस में मदद
सोडा पानी पीने का दूसरा बड़ा लाभ यह है कि यह पाचन तंत्र को आराम देता है और गैस की समस्या में मदद करता है। हल्की सी पेट फूलना या अपच होने पर भी यह उपयोगी होता है। कुछ लोग इसे गले में खराश या पेट की बेचैनी के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, सोडा पानी शरीर के पीएच बैलेंस को बनाए रखने में मदद करता है। आप इसे थोड़े समय के लिए अपनी डायट में शामिल कर सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक इसे लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। ठंडा सोडा पानी गर्मी में तुरंत ताजगी का एहसास दिलाता है और इसमें थोड़ा नींबू मिलाने से स्वाद और ऊर्जा दोनों बढ़ती है।
सोडा पानी कब और कैसे पीना चाहिए
सोडा पानी का सेवन केवल कुछ खास स्थितियों में करना चाहिए। जैसे कभी-कभी पेट में एसिडिटी या हार्टबर्न हो, भारी भोजन के बाद असहज महसूस हो, या गैस और खट्टे डकार आ रही हों। इसे रोज़ाना आदत बनाने से बचना चाहिए क्योंकि लंबे समय तक लगातार लेने से शरीर में सोडियम का स्तर बढ़ सकता है। इसे पीने का तरीका भी बहुत सरल है। आधे गिलास गुनगुने पानी में 1/4 चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं, अच्छी तरह घोलें और धीरे-धीरे पिएं।
सावधानियां और किन लोगों को परहेज करना चाहिए
सोडा पानी पीने में सावधानी बरतनी जरूरी है। इसे खाली पेट न लें और अधिक मात्रा में भी न पिएं। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर है, गुर्दे की समस्या है, गर्भवती महिलाएं या डॉक्टर ने कम नमक खाने की सलाह दी है, उन्हें इसे बिना परामर्श के नहीं पीना चाहिए। अधिक मात्रा में सेवन करने से उल्टी, पेट दर्द, सूजन या इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बेकिंग सोडा पानी का इस्तेमाल सोच-समझकर और सीमित मात्रा में ही करें।







