थाईलैंड में राजा और शाही परिवार का अपमान करना केवल सामाजिक रूप से गलत नहीं बल्कि गंभीर अपराध माना जाता है। देश में इसे लेसे मैजेस्टे कानून कहा जाता है और यह थाई दंड संहिता के सेक्शन 112 के तहत आता है। कानून का उद्देश्य राजशाही की प्रतिष्ठा और सम्मान की रक्षा करना है। थाईलैंड में इसे राष्ट्रीय पहचान का अहम हिस्सा माना जाता है और दुनिया के सबसे सख्त मानहानि कानूनों में शामिल किया गया है।
कानून की विस्तृत परिभाषा और उलझन
सेक्शन 112 के तहत राजा, रानी, वारिस या रीजेंट का अपमान, बदनाम करना या धमकी देना गैर कानूनी है। हालांकि कानून में स्पष्ट नहीं है कि कौन सा बयान अपमान या बदनामी माना जाएगा। इससे अप्रत्यक्ष आलोचना, व्यंग्य या सोशल मीडिया पोस्ट को लाइक या शेयर करना भी अपराध बन सकता है। कई मामलों में पुराने शासकों या शाही पालतू जानवरों के बारे में की गई टिप्पणियों पर भी कार्रवाई हुई है। यह दिखाता है कि कानून को कितने व्यापक रूप से लागू किया जा सकता है।
उल्लंघन पर सख्त सजा और डिजिटल स्पेस
लेसे मैजेस्टे कानून के तहत हर अपराध के लिए 3 से 15 साल की जेल की सजा हो सकती है। अगर किसी व्यक्ति पर कई आरोप लगते हैं तो कुल सजा दशकों तक बढ़ सकती है। जनवरी 2024 में एक व्यक्ति को फेसबुक पोस्ट के जरिए राजशाही का अपमान करने के लिए 50 साल की रिकॉर्ड सजा हुई थी। थाईलैंड में डिजिटल स्पेस में भी यह कानून सख्ती से लागू होता है। ऑनलाइन पोस्ट, शेयर, लाइक या पुनः पोस्ट करना भी अपराध माना जा सकता है।
जमानत, कानूनी प्रक्रिया और मुद्रा का सम्मान
सेक्शन 112 के तहत गिरफ्तार व्यक्तियों को जमानत मिलना मुश्किल होता है। कई लोग लंबी हिरासत में रहते हैं और ट्रायल का इंतजार करते हैं। कानून के तहत कोई भी नागरिक किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा थाईलैंड की करेंसी पर राजा की तस्वीर बनी होती है। बैंक नोट पर पैर रखना या उसे जलाना भी राजशाही का अपमान माना जाता है। इससे स्पष्ट होता है कि थाईलैंड में शाही सम्मान हर स्तर पर अत्यंत संवेदनशील और सुरक्षित रखा गया है।







