बरेली की एसपी साउथ अंशिका वर्मा और संभल के सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस कृष्ण कुमार बिश्नोई जल्द ही शादी करने वाले हैं। दोनों इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) के अधिकारी हैं और उनकी शादी 29 मार्च को राजस्थान के बाड़मेर में होगी। इस शादी ने कई लोगों में उत्सुकता बढ़ा दी है कि क्या दो आईपीएस ऑफिसर शादी के बाद एक ही राज्य या जिले में काम कर सकते हैं। आम तौर पर सरकारी नियम और पॉलिसी इस मामले में दिशा-निर्देश देती हैं।
शादीशुदा ऑफिसर के लिए एक ही स्टेट कैडर
डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग की गाइडलाइंस के अनुसार अगर दोनों पति-पत्नी ऑल इंडिया सर्विसेज से हैं तो सरकार संभव होने पर उन्हें एक ही स्टेट कैडर में पोस्ट करने की कोशिश करती है। यह नीति ऑफिसर्स को अपनी एडमिनिस्ट्रेटिव जिम्मेदारियों को निभाते हुए एक स्थिर पारिवारिक जीवन बनाने में मदद करती है। अगर दोनों अलग-अलग कैडर के हैं तो कैडर ट्रांसफर की रिक्वेस्ट पर विचार किया जा सकता है। हालांकि यह ट्रांसफर केवल उपलब्ध वैकेंसी और प्रशासनिक अनुमोदन पर निर्भर करता है।
होम कैडर पॉलिसी अभी भी लागू
शादीशुदा ऑफिसर को एक ही कैडर में रखने की कोशिश की जाती है लेकिन होम कैडर पॉलिसी अभी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सर्विस नियमों के अनुसार अधिकारियों को आम तौर पर उनके होम स्टेट में पोस्ट नहीं किया जाता। इसका उद्देश्य न्यूट्रैलिटी बनाए रखना और हितों के टकराव से बचना है। साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि ऑफिसर अपने पेशेवर निर्णयों में निष्पक्ष बने रहें।
एक ही जिले में पोस्टिंग जरूरी नहीं
सरकार अक्सर शादीशुदा ऑफिसर को एक ही स्टेशन या आसपास के जिलों में पोस्ट करती है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि वे एक ही जिले में काम करें। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी स्पष्ट किया है कि पोस्टिंग तय करते समय प्रशासनिक जरूरत और सार्वजनिक हित को व्यक्तिगत पसंद पर प्राथमिकता दी जाती है। जैसे-जैसे ऑफिसर ऊंचे प्रशासनिक पदों पर आते हैं, उनके लिए एक ही शहर या एडमिनिस्ट्रेटिव सेंटर में काम करना आसान हो जाता है। इससे शादीशुदा ऑफिसर अपने परिवार के साथ समय बिता सकते हैं और कार्य में भी दक्ष रह सकते हैं।







