डिजिटल दौर में साइबर खतरों के लगातार बढ़ते जोखिम को देखते हुए OpenAI ने ChatGPT में दो नए सुरक्षा फीचर्स पेश किए हैं। पहला है लॉकडाउन मोड, जो खास तौर पर उन यूजर्स के लिए है जो साइबर हमलों के अधिक खतरे में रहते हैं। इसमें बड़े संगठनों के अधिकारी, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और कॉर्पोरेट टीमें शामिल हो सकती हैं। जब लॉकडाउन मोड सक्रिय होता है, तो ChatGPT का बाहरी सिस्टम्स के साथ संपर्क काफी सीमित हो जाता है। कई टूल्स और फीचर्स को नियंत्रित या बंद किया जाता है ताकि डेटा चोरी की संभावना कम हो सके। उदाहरण के तौर पर, वेब ब्राउज़िंग केवल सुरक्षित कैश्ड कंटेंट तक सीमित रहती है और लाइव नेटवर्क रिक्वेस्ट को रोका जाता है।
एंटरप्राइज स्तर पर नियंत्रण और सुरक्षा
लॉकडाउन मोड एंटरप्राइज यूजर्स के लिए पहले से मौजूद सुरक्षा उपायों को और मजबूत बनाता है। वर्कस्पेस एडमिनिस्ट्रेटर विशेष भूमिका बनाकर इसे सक्रिय कर सकते हैं और तय कर सकते हैं कि कौन-कौन से ऐप्स और उनकी कौन-सी गतिविधियाँ लॉकडाउन मोड में उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा, अनुपालन (compliance) लॉगिंग टूल्स भी शामिल किए गए हैं, जिससे यह ट्रैक किया जा सकता है कि कौन-सा डेटा साझा हुआ और कौन-से सिस्टम्स से जुड़ा। यह फीचर संगठनों को पारदर्शिता और निगरानी दोनों में मदद करता है। फिलहाल यह सुविधा एंटरप्राइज और सेक्टर-विशिष्ट योजनाओं में उपलब्ध है, लेकिन भविष्य में इसे आम उपभोक्ता योजनाओं में भी शामिल करने की संभावना है।
एलीवेटेड रिस्क चेतावनी प्रणाली
दूसरा बड़ा बदलाव है एलीवेटेड रिस्क चेतावनी सिस्टम, जो उन AI फीचर्स के लिए लागू होता है जो इंटरनेट या बाहरी सिस्टम्स तक पहुंच बनाते हैं। इन फीचर्स से कार्यक्षमता बढ़ती है, लेकिन संभावित सुरक्षा जोखिम भी पैदा हो सकते हैं। अब ChatGPT के कुछ फीचर्स में स्पष्ट चेतावनी दिखाई देगी, जिससे यूजर्स समझ सकेंगे कि किसी फीचर को चालू करने पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। यह चेतावनी बताएगी कि कौन-से जोखिम संभव हैं और किन परिस्थितियों में उस फीचर का इस्तेमाल करना सुरक्षित है।
भविष्य की सुरक्षा और नई सुविधाएँ
एलीवेटेड रिस्क चेतावनी से यूजर्स को अधिक पारदर्शिता और सुरक्षा मिलेगी। जैसे-जैसे सुरक्षा तकनीक बेहतर होगी और जोखिम कम होंगे, वैसे-वैसे इन चेतावनियों को हटाया जा सकता है। इसके साथ ही, OpenAI नई सुविधाओं के साथ नई चेतावनियाँ भी जोड़ सकता है। कुल मिलाकर ये बदलाव ChatGPT को साइबर खतरों से सुरक्षित रखने के लिए एक मजबूत कदम हैं और यूजर्स को संवेदनशील डेटा के साथ काम करते समय ज्यादा नियंत्रण और विश्वास देते हैं।







