हाल ही में मुज्तबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। अपने पिता अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु के बाद उन्होंने इस महत्वपूर्ण पद को संभाला। उनकी सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है। इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए ईरान की सुरक्षा व्यवस्था ने NOPO नामक एक खास और गोपनीय विशेष बल को तैनात किया है। काले वर्दी में पहचानी जाने वाली यह टुकड़ी देश के सबसे प्रशिक्षित और सक्षम बलों में से एक मानी जाती है।
NOPO क्या है और इसकी भूमिका
NOPO का पूरा नाम निरूयेह विजेह पासदारान विलायत है। यह ईरान का सबसे शक्तिशाली एलिट टैक्टिकल बल माना जाता है। इसका काम मुख्य रूप से आतंकवाद रोधी अभियान, बंधकों को छुड़ाना और प्रमुख राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा करना है। मुज्तबा खामेनेई के पद संभालने के बाद से, इस टुकड़ी ने कथित तौर पर उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करने का जिम्मा संभाला है। NOPO की यह भूमिका देश की सुरक्षा व्यवस्था में अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण मानी जाती है।
NOPO के प्रशिक्षण और युद्ध कौशल
NOPO के सदस्य कठिन और व्यापक प्रशिक्षण से गुजरते हैं। उनका प्रशिक्षण शहरी और युद्ध दोनों प्रकार के परिदृश्यों के लिए तैयार करता है। इसमें एडवांस मार्शल आर्ट, आत्मरक्षा की तकनीकें, सामरिक निशानेबाजी, पार्कौर और बाधाओं को पार करना, तथा गोताखोरी अभियान शामिल हैं। यह प्रशिक्षण उन्हें उच्च जोखिम वाले मिशनों के लिए तैयार करता है। यही कारण है कि NOPO के सदस्य अत्यंत कुशल और अनुशासित माने जाते हैं, और इनका मिशन कभी विफल नहीं माना जाता।
भर्ती प्रक्रिया और संगठनात्मक ढांचा
NOPO में भर्ती अत्यंत कठिन मानी जाती है। उम्मीदवारों का चयन आम तौर पर अन्य विशिष्ट पुलिस और सुरक्षा इकाइयों से कड़ी छंटनी के बाद होता है। इसमें शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता, होशियारी, ऊंचाई और सहनशक्ति जैसे मानक शामिल हैं। बहुत कम उम्मीदवार इन सभी परीक्षाओं को सफलतापूर्वक पास कर पाते हैं। संगठनात्मक रूप से NOPO 1991 में स्थापित की गई थी और इसे छह ब्रिगेड में बांटा गया है। चार ब्रिगेड तेहरान में, जबकि बाकी मशहद और इस्फहान जैसे प्रमुख शहरों में तैनात हैं। यह ढांचा देश के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा खतरों पर तेजी से प्रतिक्रिया करने में सक्षम बनाता है।







